गोरखपुर/ जगदीशपुर। जंगल कौड़िया-जगदीशपुर रिंग रोड को लेकर एनएचएआई अधिकारियों की मौजूदगी में समतलीकरण का काम शुक्रवार को भी जारी रहा। कार्यदायी संस्था की ओर से जेसीबी लगाकर अधिग्रहित भूमि की सफाई कराई गई। किसानाें का कोई विरोध सामने नहीं आने पर लोगों ने राहत की सांस ली है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मुआवजा का मामला भी सुलझ जाएगा। किसान भी राजी हो रहे हैं।
जंगल कौड़िया से जगदीशपुर तक फोरलेन रिंग रोड बनाया जाएगा। इसके लिए कोनी से लेकर जंगल कौड़िया तक 26 गांवाें के किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है। अधिक मुआवजा की मांग को लेकर किसानों ने विरोध जताते हुए काम रोक दिया था। इस पर प्रशासन की ओर से किसानों को आर्बिट्रेशन (न्यायिक मध्यस्थता) दाखिल कराने की सलाह दी गई, ताकि मुआवजा की रकम को बढ़ाया जा सके। उधर अधिकारियों की मौजूदगी में कार्यदायी संस्था ने बृहस्पतिवार से सड़क का काम शुरू कराया।
पहले चरण में अधिग्रहित जमीन की साफ सफाई कराते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से उसे अपने कब्जे में लिया जा रहा है। शुक्रवार को भी ताल जहदा और मानीराम के रहमतनगर में काम जारी रहा। इस दौरान किसी किसान ने विरोध नहीं जताया। इस वजह से एनएचएआई के अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के लोगों ने राहत महसूस की। कांट्रेक्टर अनूप सिंह ने बताया कि शनिवार को भी काम होगा।
वर्जनअधिग्रहित जमीन पर साफ-सफाई कराई जा रही है। इसमें किसान भी सहयोग कर रहे हैं। जल्द ही किसानों का मुआवजा का मामला भी पूरी तरह से सुलझ जाएगा।
-भावेश सिंह, परियोजना निदेशक, एनएचएआई