नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बीस दिसंबर को नखास चौक पर पथराव करने के पीछे कौन शामिल है इसकी जांच पुलिस ने तेज कर दी है। इसी बीच लखनऊ से डीजीपी ने प्रेस कांफ्रेंस कर रिहाई मंच पर आशंका जताई है, जिसके बाद से गोरखपुर में भी इसके नेटवर्क की तलाश शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में पुलिस को कुछ नाम मिले हैं, जो इस संगठन से जुड़े हुए हैं। अब उनके वीडियो, फोटो आदि को पुलिस खंगाल रही है।
जानकारी के मुताबिक जुमे की नमाज के बाद 20 दिसंबर को नखास चौक पर प्रदर्शन के बहाने पत्थरबाजी हुई थी। पुलिस को बल प्रयोग कर लोगों को खदेड़ना पड़ा था। पुलिस की ओर से अब तक इस मामले में 60 लोगों की पहचान की जा चुकी है। इसी बीच रिहाई मंच नाम की संस्था का नाम आने के बाद पुलिस के कान खड़े हो गए है। पूरे प्रदेश सहित गोरखपुर में भी नेटवर्क खंगाले गए तो कई सदस्य मिले है जो इस मंच से जुड़े हुए हैं। अब पुलिस इनकी गतिविधि, कॉल डिटेल आदि की तफ्तीश कर रही है ताकि पता लगाया जा सके कि गोरखपुर में बवाल के पीछे भी क्या इनके सदस्य शामिल हैं।
सीओ कोतवाली वीपी सिंह ने बताया कि रिहाई मंच के नेटवर्क की जांच की जा रही है। यहां के कुछ लोग इस मंच से जुड़े है, जिसके बारे में पूरी जानकारी जुटाई जाएगी। इनकी संलिप्ता पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी।