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Gorakhpur News: वादा लाखों के पुरस्कार का, रोइंग प्रतियोगिता खत्म हुई तो दे दिया झटका

Fri, 29 May 2026 02:03 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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गोरखपुर। हाल ही में रामगढ़ताल में संपन्न हुई नेशनल महिला रोइंग चैंपियनशिप बड़े विवाद के घेरे में आ गई है। देश के विभिन्न राज्यों से आईं 16 टीमों की महिला खिलाड़ियों ने रोइंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (आरएफआई) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि खिलाड़ियों को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई थी लेकिन प्रतियोगिता खत्म होने के बाद आयोजक अपनी बात से मुकर गए हैं।
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खिलाड़ियों का कहना है कि आरएफआई ने प्रतियोगिता शुरू होने से पहले लिखित रूप से बताया था कि नकद पुरस्कार राशि दी जाएगी। इस बड़ी प्रोत्साहन राशि की उम्मीद में देशभर से महिला खिलाड़ियों ने उत्साह के साथ इस प्रतियोगिता में भाग लिया था। उद्घाटन समारोह के दौरान भी मंच से बार-बार इस राशि का जिक्र किया गया लेकिन समापन के बाद खिलाड़ियों को खाली हाथ लौटा दिया गया।
आरएफआई ने प्रतियोगिता के बाद भारतीय खेल प्राधिकरण और खेलो इंडिया का एक पत्र बुधवार को जारी किया। इस पत्र का हवाला देते हुए आरएफआई के महासचिव शुभाशीष मुखर्जी ने दलील दी कि खेलो इंडिया की अस्मिता रोइंग लीग के स्वीकृत प्रारूप और नियमों के तहत नकद पुरस्कार देने का कोई प्रावधान ही नहीं है।
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बंगाल टीम के कोच विपिन यादव ने बताया कि उनकी टीम से कुल 20 लड़कियां इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आई थीं। फेडरेशन ने हर खिलाड़ी से 1500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से 7500 रुपये वसूले थे। खेल खत्म होने के बाद यह रकम अभी तक वापस नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि इससे लड़कियां बेहद मायूस हैं। महीनों की कड़ी मेहनत और मेडल जीतने के बाद जब उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा तो उनकी आंखों में आंसू थे।


बोलीं खिलाड़ी

मैं आठवीं कक्षा में पढ़ती हूं। खेल के प्रति अपने जुनून के कारण मैं अपनी स्कूल की परीक्षा छोड़कर इस नेशनल चैंपियनशिप में हिस्सा लेने बंगाल से आई थी। मुझे उम्मीद थी कि मेडल जीतने के बाद पुरस्कार राशि मिलेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
-सुहीता मोंडल, बंगाल टीम

फेडरेशन को अपनी बात पर रहना चाहिए था। हम जीतने के बाद इनाम की उम्मीद कर रहे थे तो हमें सिर्फ एक मेडल थमा दिया गया। इस तरह बात से मुकर जाना खिलाड़ियों की मेहनत का अपमान है।
-अनुष्का पटेल, गोरखपुर टीम

मेरे परिवार की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि हम तुरंत 7500 दे सकें। अच्छे पुरस्कार की उम्मीद में इस प्रतियोगिता का हिस्सा बनी। पुरस्कार तो दूर फेडरेशन ने अब तक हमारी जमा फीस भी वापस नही की है।
-चंद्रिमा, बंगाल टीम


हमारी टीम का छठवां स्थान था। जो जानकारी हमें दी गई थी उसमें छठवें स्थान के लिए एक लाख की नकद राशि थी। इतनी मेहनत करके जीतने के बाद हमें सिर्फ मेडल थमा दिया गया।
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-नीलू, गोरखपुर टीम
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