पेट्रोलियम कंपनी से सेवानिवृत्त एक कर्मचारी से ऑनलाइन व्यापार का झांसा देकर 1.48 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठगों ने भरोसा जीतने के लिए न केवल फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म तैयार किया, बल्कि पीड़ित के नाम से कथित ऑनलाइन शॉप भी खोल दी, जिससे उन्हें मुनाफा होने का भ्रम बना रहा। मामले में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
एम्स क्षेत्र के इंजीनियरिंग कॉलेज के पास रहने वाले पीड़ित की फेसबुक के माध्यम से एक महिला से बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे बातचीत व्हाट्सएप पर होने लगी। महिला ने खुद को ऑनलाइन बिजनेस से जुड़ा बताते हुए कहा कि हर ट्रांजेक्शन पर 20 प्रतिशत तक लाभ मिलेगा।
इसके बाद एक लिंक भेजा गया, जिसके जरिये 'अपूर्वा मल्टीब्रांड शोरूम' नाम से ऑनलाइन शॉप खोली गई। पीड़ित को समय-समय पर अलग-अलग लिंक भेजे जाते थे, जिनकी वैधता केवल 20 से 30 मिनट की होती थी।
इन्हीं लिंक के माध्यम से 22 दिसंबर से 14 जनवरी के बीच पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में कुल 1 करोड़ 47 लाख 9 हजार 795 रुपये निवेश कर दिया। कुछ ही समय बाद उनके अकाउंट में करीब दो करोड़ रुपये की रकम दिखाई देने लगी, जिससे उनका भरोसा और मजबूत हो गया। जब पीड़ित ने खाते से रुपये निकालने या उपयोग करने की कोशिश की तो बताया गया कि अकाउंट फ्रिज कर दिया गया है।
खाता खोलने के लिए 50 लाख रुपये अतिरिक्त मांगे गए। यहीं पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ। पीएफ समेत जीवनभर की जमा पूंजी गंवाने के बाद उन्होंने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई और साइबर थाने में मामला दर्ज कराया।
साइबर थाना प्रभारी राशिद खान ने बताया कि लेनदेन से जुड़े खातों, लिंक और डिजिटल साक्ष्यों की जांच शुरू कर दी गई है।