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1400 विदेशी नागरिकों से ऑनलाइन ठगी: कोलकाता में बैठे मास्टरमाइंड समेत पांच की तलाश, दो टीमें रवाना

Mon, 26 Jan 2026 02:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

पुलिस का मानना है कि इन्हीं में से कुछ लोग पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड हैं। कोलकाता से ठगी के इस रैकेट का संचालन कर रहे थे। एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि भागे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित की गई हैं, जिन्हें कोलकाता भेजा गया है। वहां स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई कर आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी जाएगी।
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गिरफ्तार फर्जी कॉल सेंटर गिरोह वाले आरोपी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, हांगकांग समेत कई देशों के लगभग 1400 विदेशी नागरिकों से ऑनलाइन ठगी के मामले में मास्टरमाइंड समेत पांच आरोपियों की तलाश तेज हो गई है। चिलुआताल थाने से पुलिस की दो विशेष टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कोलकाता रवाना हो गई हैं।

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इन टीमों में साइबर सेल के अधिकारी भी शामिल हैं, जो स्थानीय पुलिस के सहयोग से तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश करेंगी। पुलिस जांच में सामने आया है कि ठगों का यह गिरोह विदेशी नागरिकों को कॉल और ऑनलाइन माध्यम से संपर्क कर स्वास्थ्य बीमा, टैक्स रिफंड और अमेरिका की सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का झांसा देता था।

इसके बाद उनसे विभिन्न शुल्क और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर मोटी रकम वसूल की जाती थी। ठगी की यह रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी, जिसे बाद में निकाल लिया जाता था। अब तक मामले में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया है।
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गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पश्चिम बंगाल के हुगली जिले का रूपेश सिंह, कोलकाता का अभिषेक पांडेय, तिवारीपुर निवासी हर्ष आर्या, बलरामपुर का सूरज कुमार तिवारी, शंकरपुर देहात कोतवाली क्षेत्र का अश्वनी कुमार मौर्या और लखनऊ की शलोनी यादव शामिल हैं।

इन सभी की भूमिका ठगी के नेटवर्क को संचालित करने, कॉलिंग और रुपयों के लेन-देन में सामने आई है। हालांकि दबिश के दौरान गिरोह के कुछ प्रमुख मौके से भाग गए थे। आरोपियों में पश्चिम बंगाल के 24 उत्तर परगना स्थित काली पार्क निवासी गौरव पाठक, कोलकाता के एमजी रोड निवासी कृष्णा और विनीत अग्रवाल शामिल हैं।

पुलिस का मानना है कि इन्हीं में से कुछ लोग पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड हैं। कोलकाता से ठगी के इस रैकेट का संचालन कर रहे थे। एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि भागे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित की गई हैं, जिन्हें कोलकाता भेजा गया है।

वहां स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई कर आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी जाएगी। उन्होंने बताया कि साइबर ठगी के इस नेटवर्क में और भी लोगों की संलिप्तता की आशंका है, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है। मामले में डिजिटल साक्ष्य, बैंक खातों और कॉल डिटेल रिकॉर्ड के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

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