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खुशखबर: कोरोना वायरस के खात्मे के लिए तीन दवाओं पर शोध शुरू, यह दो टीम कर रही हैं काम

Tue, 02 Jun 2020 09:57 AM IST
vivek shukla नीरज मिश्रा, गोरखपुर।

सार

  • आईसीएमआर और डब्लूएचओ की टीम कर रही काम
  • रेमडेसिविर, एचआईवी और हाईड्राक्सीक्लोरोक्वीन दवा शोध में शामिल
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कोरोना वायरस। - फोटो : PTI
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विस्तार
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आईसीएमआर और डब्लूएचओ की संयुक्त टीम कोरोना के खात्मे के लिए तीन दवाओं पर शोध शुरू कर दी है। इन दवाओं में अमेरिका की जानी मानी कंपनी गिलीड फार्मा की रेमडेसिविर, एचआईवी की दवा और हाइड्राक्सीक्लोरोक्वीन है।

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शुरुआती दौर में रेमडेसिविर दवा काफी हद तक कोरोना मरीजों को राहत दी है। ऐसे में आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च ) यह मान रहा है कि इन दवाओं पर शोध से काफी हद तक सफलता मिलने की उम्मीद है।

कोरोना वायरस से दुनिया के सभी देश परेशान है। अमेरिका, इग्लैंड, फ्रांस सहित कई देशों में इसके वैक्सीन बनाने पर शोध भी चल रहे हैं। लेकिन अब तक किसी भी देश के हाथ सफलता नहीं लगी है। लेकिन इस बीच रेमडेसिविर, हाइड्राक्सीक्लोरोक्वीन और एचआईवी की दवा ने थोड़ी उम्मीद जरूर जगाई है।
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इबोला पर कारगार साबित हुई हैं रेमडेसिविर दवा

 यही कारण है कि इन दवाओं को लेकर आईसीएमआर और डब्लूएचओ की संयुक्त टीम ने शोध शुरू कर दिए हैं। आईसीएमआर के प्लानिंग कोआर्डिनेटर डॉ रजनीकांत ने बताया कि इन दवाओं पर शोध शुरू हो चुका है। पहले चरण में रेमडेसिविर और एचआईवी की दवा पर शोध चल रहे हैं। क्योंकि कुछ दिनों के लिए डब्लूएचओ ने हाइड्राक्सीक्लोरोक्वीन पर रोक लगाई है।

कुछ दिनों बाद इस पर शोध शुरू होंगे। बताया कि रेमडेसिविर अमेरिका में काफी मरीजों पर ट्रॉयल किया गया है। इससे मरीजों को काफी हद तक राहत मिली है। इस ट्रायल की शुरुआत अमेरिका के वाशिंगटन स्थित प्रोविडेंस रीजनल मेडिकल सेंटर में हुई है। यह दवा अन्य दवाओं की अपेक्षा ज्यादा असर मरीजों पर की है। इसके अलावा एचआईवी की दवा पर भी शोध जारी है।

डॉ रजनीकांत ने बताया कि अमेरिका की गिलीड फार्मा कंपनी की रेमडेसिविर दवा को खतरनाक वायरस इबोला के खिलाफ भी इस्तेमाल किया जा चुका है। यह दवा वायरस के खिलाफ बेहतर साबित हुई थी।

यह दवा इबोला और सार्स की बीमारियों पर कारगार साबित हुई थी। जबकि कोविड-19 सार्स के ही समूह का वायरस है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि यह दवा काफी हद तक सफल हो सकती है।

प्लानिंग कोआर्डिनेटर डॉ. रजनीकांत ने कहा कि आईसीएमआर डब्लूएचओ के साथ मिलकर तीन दवाओं पर शोध शुरू कर चुका है। उम्मीद जताई जा रही है इन दवाओं के शोध से बड़ी सफलता मिलने की उम्मीद है।


 
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