गोरखपुर। राप्ती नदी पर स्थित राजघाट के पुराने पुल पर बड़े स्तर पर मरम्मत कार्य शुरू हो गया है। वर्ष 1965 में बने यानी 61 साल पुराने पुल के कई हिस्सों में दरारें मिलने के बाद पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) मरम्मत करवा रहा है। पहले केमिकल से दरारें भरने के बाद मुख्य काम बेयरिंग बदलने का होगा। उम्मीद है कि होली के बाद बेयरिंग बदलने का काम शुरू होगा। इस दौरान एक माह तक पुल से आवागमन बंद रहेगा।
निरीक्षण में पाया गया कि पुल की कंक्रीट में दरारें आ चुकी हैं और जॉइंट के आसपास लगी बेयरिंग जर्जर हो चुकी हैं, जिससे पुल की सुरक्षा पर चिंता जताई जा रही है। मरम्मत का यह काम करीब 20 वर्ष बाद हो रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, दरारों को भरने के लिए विशेष केमिकल युक्त मिश्रण का उपयोग किया जा रहा है। इंजीनियर कमजोर कंक्रीट को हटाकर दरारों में केमिकल भर रहे हैं, जिससे स्ट्रक्चरल मजबूती में वृद्धि हो सके।
बेयरिंग पुल के स्तंभों और डेक के बीच काम करने वाली वह यांत्रिक इकाई होती है जो लोड और कंपन को सहन करती है। अधिशासी अभियंता अरविंद कुमार ने बताया कि बेयरिंग बदलने के लिए पुल पर यातायात पूरी तरह से बंद रखा जाएगा ताकि संवेदनशील और तकनीकी प्रक्रिया सुरक्षित रूप से पूरी हो सके। बेयरिंग बदलने का कार्य बेहद सावधानी से किया जाएगा, क्योंकि यह पुल की दीर्घकालिक मजबूती और सुरक्षित संचालन के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि मरम्मत का लक्ष्य जून तक है ताकि मानसून से पहले पुल को पूरी तरह मजबूत और सुरक्षित किया जा सके। मरम्मत के पूरा होने के बाद पुल की लोड टेस्टिंग भी की जाएगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि पुल में अब कोई संरचनात्मक कमी नहीं है और वर्षों तक यातायात को सुचारू रूप से सहन कर सकता है।