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गोरखपुर: यश भारती से सम्मानित होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. राम रतन बनर्जी का निधन, छह दशक तक की मरीजों की सेवा

Sat, 24 Oct 2026 01:58 PM IST
अनुराग रंजन अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

कोलकाता से होम्योपैथी की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद डॉ. बनर्जी ने वर्ष 1959 में चिकित्सा सेवा शुरू की। बेनीगंज-दुर्गाबाड़ी क्षेत्र स्थित संतोष होमियो सेवाश्रम उनकी सेवा का प्रमुख केंद्र रहा। यहां आर्थिक रूप से कमजोर, असहाय और वंचित परिवारों के मरीजों का नाममात्र शुल्क पर या निशुल्क उपचार किया जाता था।
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डॉ. राम रतन बनर्जी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक और समाजसेवी डॉ. राम रतन बनर्जी का शनिवार को सुबह 11 बजे निधन हो गया। उनके पुत्र डॉ. रूप कुमार बनर्जी ने इसकी जानकारी दी। उनके निधन से चिकित्सा जगत और बंगाली समाज में शोक की लहर है। उनका अंतिम संस्कार गोरखपुर में ही किया जाएगा।

डॉ. राम रतन बनर्जी चिकित्सा को केवल पेशा नहीं, बल्कि जरूरतमंदों की सेवा का माध्यम मानते थे। उन्होंने छह दशक से अधिक समय तक मरीजों का उपचार कर समाज में सेवा और मानवीय संवेदनाओं की मिसाल पेश की। उन्हें उनके योगदान के लिए यश भारती पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

1959 से शुरू की थी चिकित्सा सेवा

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कोलकाता से होम्योपैथी की उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद डॉ. बनर्जी ने वर्ष 1959 में चिकित्सा सेवा शुरू की। बेनीगंज-दुर्गाबाड़ी क्षेत्र स्थित संतोष होमियो सेवाश्रम उनकी सेवा का प्रमुख केंद्र रहा। यहां आर्थिक रूप से कमजोर, असहाय और वंचित परिवारों के मरीजों का नाममात्र शुल्क पर या निशुल्क उपचार किया जाता था।उनका प्रयास रहता था कि आर्थिक तंगी के कारण किसी जरूरतमंद को इलाज से वंचित न रहना पड़े। इसी सोच के साथ उन्होंने लंबे समय तक मरीजों की सेवा की और समाज में अपनी अलग पहचान बनाई।

 

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सीएम योगी ने जताया दुख

सीएम योगी ने जताया शोक - फोटो : सोशल मीडिया

सीएम योगी आदित्यनाथ ने डॉ. राम रतन बनर्जी के पुत्र रूप कुमार बनर्जी के नाम पत्र लिखकर गहरी संवेदना व्यक्त की है।

चिकित्सा जगत में शोक
डॉ. राम रतन बनर्जी के निधन से गोरखपुर के चिकित्सा जगत और बंगाली समाज में शोक है। उनके लंबे चिकित्सकीय जीवन और जरूरतमंदों के प्रति सेवा भाव को याद किया जा रहा है। उनका जीवन चिकित्सा के माध्यम से समाज सेवा करने की प्रेरणा देता रहेगा।

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