पुलिस ने बचाई नौ साल के रिश्ते की साख।
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किसी की शादी को नौ साल गुजर गए थे तो किसी के चार साल। छोटी-सी खटपट में दोनों ही दंपती ने रिश्ते को तोड़ने तक फैसला कर लिया। महिला थाने में केस दर्ज कराने को महिलाओं की ओर से तहरीर भी आ गई। मगर पुलिस ने मानवता की पहल की।
घरों को फिर से बसाने की कोशिश में महिला थानेदार ने दोनों पक्ष को थाने बुलाया। दो से तीन बार समझौता वार्ता के बाद दोनों ही दंपती पुरानी कहासुनी को भूलकर साथ रहने को तैयार हो गए। गुरुवार को पुलिस ने लिखित करारनामा करवा कर दोनों दंपती को फिर से घर बसाने की शुभकामना देते हुए घर को भेजा।
जानकारी के मुताबिक, गीडा इलाके के रहने वाले एक दंपती का निकाल करीब 9 साल पहले हुए थे। शुरुआत में सब कुछ ठीक चला मगर इधर तीन साल से रिश्तों में इस कदर तल्खी आ गई थी कि दोनों ने रिश्ते को तोड़कर अलग होने का फैसला कर लिया था।
कुछ इसी तरह का मामला चिलुआताल इलाके से भी सामने आया था। यहां पर चार साल पहले हुई एक शादी में दंपती साथ रहने को तैयार नहीं थे। दोनों ही मामले में महिलाओं ने थाने से संपर्क किया। पुलिस ने उनकी बात को समझा और देखा कि इनके बीच ऐसा कोई गंभीर विवाद नहीं है, इसे हल कराया जा सकता है।
महिला इंस्पेक्टर अर्चना सिंह ने दोनों ही दंपती को अलग-अलग बुलाकर सुलह समझौते की कोशिश की। दोनों ही परिवार के लोग भी आए और बात बन गई। गुरुवार को दोनों ही परिवार के लोग खुश होकर साथ रहने का वायदा करके घर को गए।