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ओवरलोड ट्रकों से अवैध वसूली: ट्रांसपोर्ट नगर के युवक के पास रखी जाती थी वसूली की रकम

Sun, 02 Feb 2020 10:42 AM IST
विजय जैन डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
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फाइल फोटो।
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ओवरलोड ट्रकों से वसूली की रकम ट्रांसपोर्ट नगर के युवक चंद्रभान के पास रखी जाती थी। यहीं से फिर रकम का बंटवारा होता था। चंद्रभान के पास मधुबन होटल के मालिक धर्मपाल और सिब्बू सिंह के कर्मचारी रकम लाते थे, फिर यही से अधिकारियों और अन्य लोगों के बीच में बंटवारा होता था। सीओ कैंट सुमित शुक्ला की अगुवाई में चार सदस्यीय एसआईटी ने इस प्रकरण की जांच तेज कर दी है। सीओ को यह अधिकार भी दिया गया है कि वह आवश्यकतानुसार टीम के सदस्यों को बढ़ा सकते हैं।
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जानकारी के मुताबिक ओवरलोड ट्रकों से वसूली में आरटीओ अफसर के भी शामिल होने का भंडाफोड़ एसटीएफ की ओर से किया गया था। शुरुआती जांच में ही यह बात सामने आई कि धर्मपाल सिंह और उसके साथी सिब्बू सिंह अपने लोगों की मदद से वसूली कराते थे, फिर चंद्रभान के पास लाकर रकम जमा की जाती थी। यहां पर रुपये एकत्र होने के बाद अगले दिन हिसाब होता था। हर दिन अधिकारियों को उनका हिस्सा पहुंचा दिया जाता था।
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बेलीपार थाने में दर्ज केस की विवेचना एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने एसआईटी के हवाले की है। सीओ कैंट सुमित शुक्ला की अगुवाई में बनी टीम में बेलीपार इंस्पेक्टर संतोष सिंह, सर्विलांस प्रभारी धीरेंद्र राय और कैंट थाने के दरोगा इत्यानंद पांडेय को शामिल किया है। एसएसपी ने सीओ कैंट को एसआईटी में अपने साथ अन्य को शामिल करने के लिए अधीकृत किया था। सीओ ने टीम का विस्तार कर काम शुरू कर दिया है।

यह है मामला
एसटीएफ ने जांच के बाद 24 जनवरी को मधुबन होटल के मालिक धर्मपाल सिंह समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर ओवरलोड ट्रकों से वसूली का भंडाफोड़ किया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपितों के पास से डायरी बरामद की थी, जिसके आधार पर कई आरटीओ, एआरटीओ, सिपाहियों के नाम सामने आए। बेलीपार थाने में एफआईआर दर्ज की गई और आरोपितों को कोर्ट में पेश किया गया। वहां से आरोपितों को जेल भेजा गया।
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