ओवरलोड ट्रकों से वसूली की रकम ट्रांसपोर्ट नगर के युवक चंद्रभान के पास रखी जाती थी। यहीं से फिर रकम का बंटवारा होता था। चंद्रभान के पास मधुबन होटल के मालिक धर्मपाल और सिब्बू सिंह के कर्मचारी रकम लाते थे, फिर यही से अधिकारियों और अन्य लोगों के बीच में बंटवारा होता था। सीओ कैंट सुमित शुक्ला की अगुवाई में चार सदस्यीय एसआईटी ने इस प्रकरण की जांच तेज कर दी है। सीओ को यह अधिकार भी दिया गया है कि वह आवश्यकतानुसार टीम के सदस्यों को बढ़ा सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक ओवरलोड ट्रकों से वसूली में आरटीओ अफसर के भी शामिल होने का भंडाफोड़ एसटीएफ की ओर से किया गया था। शुरुआती जांच में ही यह बात सामने आई कि धर्मपाल सिंह और उसके साथी सिब्बू सिंह अपने लोगों की मदद से वसूली कराते थे, फिर चंद्रभान के पास लाकर रकम जमा की जाती थी। यहां पर रुपये एकत्र होने के बाद अगले दिन हिसाब होता था। हर दिन अधिकारियों को उनका हिस्सा पहुंचा दिया जाता था।