युवक को छोड़ने के बदले 10 हजार रुपये वसूलने और फिर स्कूटी-मोबाइल फोन वापसी के लिए फिर 10 हजार रुपये का दबाव बनाने के आरोपी चारों पुलिसकर्मियों के खिलाफ खोराबार थाने में भष्ट्राचार निवारण अधिनियम की धारा में केस दर्ज कर लिया गया है। केस दर्ज होने महकमे में हड़कंप मच गया है।
जिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, उनमें खोराबार थाने के रामनगर कड़जहां चौकी इंचार्ज शंभू साहनी, हेड कांस्टेबल अरविंद कुमार, कांस्टेबल विक्रांत सिंह और अभिषेक शुक्ला शामिल हैं।मामला सामने आने के बाद प्रभारी एसएसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने सोमवार को ही आरोपी दरोगा और तीनों सिपाहियों को निलंबित कर दिया था। एएसपी की जांच रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज कराया गया है।
जानकारी के अनुसार, रामनगर कड़जहां पुलिस चौकी के इंचार्ज और तीनों पुलिसकर्मियों पर एक युवक को छोड़ने के नाम पर 10 हजार रुपये वसूलने का आरोप है। खोराबार के जंगल बेलवार गांव का जामवंत कुमार दो फरवरी को अपने एक परिचित से मिलने उसके घर गया। वहां गांव के लोगों ने उसे चोर समझकर पकड़ लिया। उसकी पिटाई करते हुए स्कूटी रख ली।
सूचना पाकर सिपाही विक्रांत पहुंचा। जामवंत को चौकी पर ले गया। बाद में युवक को छोड़ने के लिए 20 हजार रुपये मांगे। 10 हजार रुपये मिलने पर उसे चौकी से छोड़ दिया। उसकी स्कूटी और मोबाइल देने के लिए 10 हजार रुपये लाने को कहा। इसका ऑडियो वायरल होने पर प्रभारी एसएसपी ने जांच कराई। जांच में मामला सही पाए जाने पर खोराबार थाना में केस दर्ज कराया गया।
एएसपी की जांच रिपोर्ट में चौकी प्रभारी एवं अन्य पुलिसकर्मियों पर रुपये लेने के आरोप की पुष्टि हुई है। उनको निलंबित कर दिया गया है। साथ ही खोराबार पुलिस ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का भी केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।-
कृष्ण कुमार विश्नोई,
प्रभारी एसएसपी