नगर निगम चुनाव को लेकर भाजपा महानगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता के नेतृत्व तैयारी करते हुए।
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नगर निगम के पार्षद चुनाव में टिकट नहीं मिलने से नाराज कार्यकर्ता बगावत की राह पर हैं। रविवार को कई दावेदारों ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन कर दिया है। वहीं, निवर्तमान पार्षद राजेश तिवारी और आलोक सिंह विशेन भी निर्दल चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। राजेश ने नामांकन भी कर दिया है।
भाजपा ने इस बार चार पार्षदों का टिकट काट दिया है। इसमें उप सभापति रहे चुके चार बार के पार्षद जितेंद्र सैनी, चार बार चुनाव जीते गिरिजेश पाल, राजेश तिवारी और आलोक सिंह विशेन शामिल हैं। जितेंद्र सैनी ने चुनाव नहीं लड़ने का मन बनाया है। वहीं, गिरिजेश की तबीयत ठीक नहीं है। लिहाजा वह भी चुनाव से बाहर ही रहेंगे। लेकिन, राजेश तिवारी ने निर्दल प्रत्याशी के रूप में नामांकन करके अपनी मंशा साफ कर दी है।
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इसी प्रकार आलोक सिंह विशेन भी सोमवार को नामांकन की तैयारी में हैं। इसके अलावा दस वार्ड से टिकट नहीं मिलने पर दावेदारों ने पार्टी से बगावत कर तैयारी कर ली है। सभी सोमवार को अपना पत्ता खोलेंगे। बहरहाल, पार्टी ने नेतृत्व ने इन्हीं मनाया नहीं तो वे चुनाव में मुश्किलें खड़ा कर सकते हैं। पिछली बार भी बागी बनकर पांच दावेदारों ने चुनाव लड़ा और जीते भी। बाद में सिफारिश करके उन्हें भाजपा में शामिल कराया गया। तब जाकर कहीं के बोर्ड के गठन हो पाया।