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बालिका से दुष्कर्म, विधायक के हस्तक्षेप पर छह घंटे बाद मिला इलाज

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बालिका से दुष्कर्म, विधायक के हस्तक्षेप पर छह घंटे बाद मिला इलाज
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कुशीनगर के नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र की है सात वर्षीय मासूम, गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में छह घंटे तक नहीं किया गया भर्ती
संवाद न्यूज एजेंसी
पकड़ियार बाजार (कुशीनगर)। सात वर्षीय एक बालिका से शुक्त्रस्वार रात एक युवक ने दुष्कर्म किया, गंभीर हालत में पीड़िता को गोरखपुर मेडिकल कॉलेज लाया गया, जहां मेडिकोलीगल केस में पुलिस की मौजूदगी जरूरी बताते हुए उसे छह घंटे तक भर्ती नहीं किया गया।
बाद में भाजपा विधायक जटाशंकर त्रिपाठी के हस्तक्षेप के बाद उसे इलाज मिल सका। बच्ची का हालत गंभीर बनी हुई है। इधर, नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र में हुई दुष्कर्म की इस जघन्य घटना में पुलिस ने आरोपित युवक हरेंद्र प्रजापित (28) को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज करके तहकीकात शुरू कर दी गई है।
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जानकारी के अनुसार, नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति की सात वर्षीय बच्ची शुक्त्रस्वार शाम करीब सात बजे घर से लापता हो गई। काफी देर तक बच्ची नहीं दिखी तो परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। रात में करीब 11 बजे गांव के नजदीक सरसों के खेत से बच्ची के कराहने की आवाज सुनाई दी। इसके बाद लोग मौके पर पहुंचे तो बच्ची खून से लथपथ मिली। परिजन बच्ची को इलाज के लिए कोटवा सीएचसी ले गए, जहां से तत्काल जिला अस्पताल रेफर किया गया। जिला चिकित्सालय से भी उसे मेडिकल कॉलेज गोरखपुर रेफर कर दिया गया।
बच्ची को मेडिकल कालेज में भर्ती नहीं किया जा रहा है, यह जानकारी मिलने पर खड्डा के विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से बात करके उसके इलाज की व्यवस्था कराई। इसके अलावा, एसपी विनोद कुमार सिंह को भी इसकी जानकारी दी। शनिवार सुबह एसओ पवन सिंह फोर्स लेकर गांव पहुंचे। कुछ देर बाद सीओ खड्डा शिव स्वरूप, डॉग स्क्वॉड टीम के साथ पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण किया। भीड़ में खड़े एक व्यक्ति के पास खोजी कुत्ता पहुंचा तो उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। देर शाम पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपित गोरखपुर में ई-रिक्शा चलाता है। शुक्त्रस्वार को ही गांव आया था। एसओ पवन कुमार सिंह ने बताया कि घटना की सूचना पुलिस को शनिवार सुबह मिली। वहीं, दोपहर में सांसद विजय कुमार दूबे, हियुवा के पूर्व जिला प्रभारी अजय गोविंद राव शिशु, अपर पुलिस अधीक्षक अयोध्या प्रसाद सिंह आदि मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। वहीं, देर रात पीड़िता का ऑपरेशन कर दिया गया। उसकी हालत में सुधार है।
वहीं बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि बच्ची का मेडिको लीगल नहीं हुआ था। उसके साथ कोई महिला पुलिस नहीं आई थी। पुलिस की यह बड़ी लापरवाही है। मामले की जानकारी जैसे ही हुई तत्काल बच्ची को भर्ती कराया गया और इलाज शुरू किया गया। बच्ची की हालत अब ठीक है। डॉक्टरों को निर्देशित किया गया है कि अगर इस तरह का कोई केस आता है तो तत्काल भर्ती किया जाए। इसके बाद मेडिको लीगल की कार्रवाई शुरू की जाए। हमारी पहली प्राथमिकता जान बचाना है।
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विधायक ने पुलिस, स्वास्थ्य महकमे पर उठाए सवाल
खड्डा के विधायक जटाशंकर त्रिपाठी ने कहा कि बालिका के साथ जो अमानवीय कृत्य हुआ, वह अति निंदनीय है। परंतु इस मामले में स्थानीय पुलिस व स्वास्थ्य महकमे की संवेदनहीनता भी सामने आई है। घटना के बाद पीड़िता को लेकर उसके परिजन एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भटकते रहे, लेकिन स्वास्थ्य कर्मी उपचार के बजाय कानूनी प्रक्त्रिस्या में उलझे थे। नेबुआ नौरंगिया पुलिस व कोटवा सीएचसी के कर्मियों ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया। मेरे हस्तक्षेप के बाद इलाज शुरू हुआ, लेकिन इस बीच अगर कोई अनहोनी होती तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होता? इस प्रकरण से मुख्यमंत्री को अवगत कराकर ऐसे लोगों पर कार्रवाई के लिए अनुरोध किया जाएगा।
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