गोरखपुर के भाजपा विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि इन्होंने रामगढ़ ताल परियोजना के इंजीनियरों से कहा-‘नंगा करके मारूंगा’, साथ ही लोगों को भी उकसाया ‘आप इन्हें बांधकर मारते क्यों नहीं’। उक्त आरोप लगाते हुए परियोजना के पांच इंजीनियर एक महीने के सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। इंजीनियरों ने जल निगम के महाप्रबंधक को भेजे गए पत्र में 30 दिसंबर से 28 जनवरी तक सामूहिक अवकाश पर रहने की बात लिखी है।
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लोगों से बातचीत करते नगर विधायक।
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के मुताबिक सामूहिक छुट्टी पर जाने वाले इंजीनियरों में रामगढ़ ताल परियोजना प्रबंधक रतनसेन सिंह, सहायक परियोजना अधिकारी अमरजीत यादव, सुजीत चौरसिया, सुधीर कनौजिया और विकास दुबे हैं।
उत्तर प्रदेश जल निगम के महाप्रबंधक को भेजे गए पत्र में आरोप लगाते हुए इंजीनियरों ने कहा है कि अमृत कार्यक्रम योजना के तहत बन रहे सीवरेज योजना जोन-1 के कार्यों की जांच के लिए पहुंची टीएसी सदस्यों और लोगों के सामने नगर विधायक ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया।
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- फोटो : file
जल निगम के अधिकारियों के लिए न सिर्फ अपशब्द का इस्तेमाल किया, बल्कि रामगढ़ ताल परियोजना से जुड़े अवर अभियंता और सहायक इंजीनियरों को ‘नंगा करके मारने’ की धमकी दी। साथ ही जूनियर इंजीनियर से नाम पूछने के बाद जातिगत टिप्पणी की और लोगों को उकसाया कि ‘आप लोग इन्हें बांधकर मारते क्यों नहीं’? ऐसी स्थिति में काम कर पाना संभव नहीं है।
गाली गलौच और सार्वजनिक स्थानों पर बेइज्जती से परेशान रामगढ़ ताल परियोजना के सारे इंजीनियर सामूहिक अवकाश पर जा रहे हैं। इन सभी इंजीनियरों ने शासन से लेकर प्रशासन तक पत्र भेजकर अपने इस फैसले से अवगत करा दिया है।
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- फोटो : file
पत्र में लिखा है कि मानसिक उत्पीड़न की दशा में काम करने की स्थिति में नहीं हैं और इस मानसिक क्षति की भरपाई के लिए 30 दिसंबर से 28 जनवरी तक उपार्जित अवकाश पर जा रहे हैं। इसकी प्रतिलिपि प्रमुख सचिव नगर विकास, अध्यक्ष उत्तरप्रदेश जल निगम, कमिश्नर, डीएम, चीफ इंजीनियर जल निगम के अलावा विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों को भेजी गई है।
जल निगम के अभियंताओं ने ठेकेदारों की मिलीभगत करके पिछले दो साल से 50 से 60 हजार लोगों का जीवन नारकीय कर दिया है। सारी सड़कें तोड़ डाली है। सीवर व्यवस्था शुरू भी नहीं हो सकी है। रोज नागरिक हाथ पैर तुड़वा रहे हैं और महिलाएं अस्पताल में भर्ती हो रही हैं। मैं इन लोगों का जनप्रतिनिधि हूं, अधिकारियों का नहीं। उनकी लापरवाही को मजबूती से उठाता रहूंगा। रही बात गाली गलौच की तो यह मेरा स्वभाव नहीं है। हां नागरिक मुझे गाली दे रहे हैं। इसमें उनकी कोई गलती भी नहीं है, लेकिन बर्दाश्त की एक सीमा होती है। -डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल, नगर विधायक