हनीट्रैप मामले में पकड़े गए पिपराइच निवासी मर्चेंट नेवी कर्मी राम सिंह के मोबाइल फोन से एटीएस की टीम को कई आपत्तिजनक फोटो हाथ लगे हैं। इसके अलावा एटीएस को शक है कि राम सिंह ने शिपयार्ड में नेवल बसपर पार्ट टाइस जॉब करने के दौरान भारतीय नौसेना एयरबेस और लड़ाकू विमानों की फोटो भी पाकिस्तान से साझी की है।
इसी आधार पर एटीएस ने राम सिंह के ऊपर ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। इसके अलावा मोबाइल फोन से कई धार्मिक स्थल और एयरबेस की फोटो शेयर करने की जानकारियां मिली हैं। अब एटीएस की टीम. फॉरेंसिक जांच के साथ आरोपी राम सिंह से रिमांड के दौरान भी इन फोटो के बारे में पूछताछ करेगी।
उधर, इस मामले में हनीट्रैप में शामिल पाकिस्तानी युवती और उसकी सहयोगी भी एटीएस के रडार पर हैं विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, एटीएस की टीम रिमांड के दौरान आरोपी राम सिंह से इस पाकिस्तानी युवती के बारे में लोकेशन समेत अन्य जानकारियां जुटाने की कोशिश करेगी।
वहीं, फॉरेंसिक रिकॉर्ड आने के बाद मोबाइल के डाटा को लेकर भी पूछताछ की तैयारी है। एटीएस सूत्रों ने बताया कि हनीट्रैप में शामिल पाकिस्तानी युवती का एक फोटो तक अभी मोबाइल फोन में नहीं मिला है। जबकि, कुछ दूसरे लोकेशन और महिलाओं के फोटो सामने आए हैं।
इनमें कुछ आपत्तिजनक फोटो भीं शांमिल हैं। एटीएस इनके भारत कनेक्शन की भी जांच कर रही है। एटीएस सूत्रों ने बताया कि गोवा में हनीट्रैप में शामिल युवती और मर्चेंट नेवी कर्मी लिविंग रिलेशनशिप में रहा करते थे। एटीएस सूत्रों ने बताया कि मर्चेंट नेवी कर्मी ने गोवा के डाबोलिम के पास भी काम किया है।
नेवी के इस बेस के पास ही सिविल क्षेत्र भी है। एटीएस को राम सिंह के मोबाइल फोन की जांच के बाद पता चलेगा कि कहीं उसने भारतीय नेवी के जहाज या उससे संबंधित रिकॉर्ड को तो आईएसआई को नहीं भेज दिया।
मर्चेंट नेवी से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि कंपनी वालों को शिप से बाहर जाने की अनुमति नहीं होती, लेकिन कंपनी में साफ-सफाई का काम करने वाले कर्मचारियों को नेवी के जहाजों की साफ-सफाई करने के लिए शिप पर भेजा जाता है।
ऐसे में संभव है कि मर्चेंट नेवी कर्मी ने अपने फोन से जहाजों के रिकॉर्ड के फोटो ले लिए हों। गोवा के डाबोलिम पर आईएनएस हंसा भारतीय नौसैनिक हवाई स्टेशन (एयरबेस) है।