आर्य नगर रामलीला समिति द्वारा आयोजित रामलीला में - धनुष यज्ञ एवं परशुराम-लक्ष्मण संवाद का मंचन
गोरखपुर। आर्य नगर रामलीला समिति की ओर से मानसरोवर मैदान में चल रही 109वीं रामलीला के तीसरे दिन सोमवार को धनुष यज्ञ और परशुराम-लक्ष्मण संवाद का मंचन हुआ। भगवान राम के शिव धनुष तोड़ने और माता सीता के जयमाला पहनाने के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। पूरा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा।
लीला में दिखाया गया कि राजा जनक ने सीता स्वयंवर के लिए धनुष यज्ञ का आयोजन किया। शर्त थी कि शिव धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने वाले वीर से सीता का विवाह होगा। अनेक राजा-महाराजा और रावण भी धनुष उठाने में असफल रहे। महर्षि विश्वामित्र की आज्ञा से श्रीराम ने धनुष उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाई तो वह टूट गया। इसके बाद सीता ने श्रीराम के गले में जयमाल डाल दी।
धनुष टूटने की आवाज सुनकर भगवान परशुराम जनक दरबार पहुंचे। यहां लक्ष्मण के साथ उनका रोचक संवाद हुआ। अंत में श्रीराम के दिव्य स्वरूप को पहचानकर परशुराम ने उन्हें अपना धनुष सौंपा और स्तुति कर चले गए। इसके बाद राजा जनक ने दशरथ के पास विवाह का निमंत्रण भेजा। समिति के महामंत्री पुष्प दंत जैन ने बताया कि मंगलवार को राम बरात गोरखनाथ मंदिर के मुख्य द्वार के सामने स्थित हनुमान मंदिर से निकलकर मानसरोवर रामलीला मैदान पहुंचेगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से बरात में शामिल होने की अपील की।