गोरखपुर। गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर चल रहे पुनर्विकास और सौंदर्यीकरण कार्य के बीच ही उसकी खामियां सामने आने लगी हैं। कुछ ही दिन पहले टिकट काउंटर के पास प्रवेश द्वार परिसर सौंदर्यीकरण के तहत बनाया गया था लेकिन मूसलाधार बारिश में इसकी पोल खुल गई। नए बने परिसर की छत जगह-जगह से टपक रही है।
छत से लगातार पानी टपकने के कारण यात्री वहां बैठ या रुक नहीं पा रहे हैं। आम दिनों में जहां इस जगह यात्रियों की भारी भीड़ रहती थी, अभी बारिश के कारण यह पूरा क्षेत्र खाली पड़ा है। जिस क्षेत्र में पानी टपक रहा है, उसे प्रशासन ने चारों तरफ से बैरिकेडिंग लगाकर घेर दिया है, ताकि कोई भी यात्री वहां से न गुजरे। यात्री भी बचकर उस जगह से निकल रहे हैं लेकिन पानी टपकने की रफ्तार इतनी तेज है कि पूरे परिसर में पानी फैला नजर आ रहा है।
बारिश से बचने के लिए यात्री इसी परिसर में शरण लेते हैं लेकिन यहां भी छत से टपकते पानी ने उनकी मुश्किलें बढ़ा दी हैं। फर्श पर पानी भर जाने से कई यात्री फिसल चुके हैं। स्टेशन परिसर में मौजूद एक महिला यात्री ने बताया कि बारिश से बचकर परिसर में आने पर भी जगह-जगह पानी नजर आ रहा है।
बोले यात्री
बहुत दिन से सुन रहे थे कि स्टेशन का पुनर्विकास कार्य चल रहा है। सोचा था सुविधाएं बेहतर होंगी लेकिन पुनर्विकास पूरा होने से पहले ही यह हाल है कि छत से पानी टपक रहा है।
- दिव्या सिंह, यात्री
परिसर के बाहर हो रही बारिश से बचकर लोग परिसर में आ रहे हैं। स्टेशन परिसर में भी छत टपक रही है। यात्री जाए तो जाए कहां ।
- अमन कुशवाहा, यात्री
बस स्टेशन बदहाल : जर्जर छत से टपकता पानी, कीचड़ और काई से फिसल रहे यात्री
गोरखपुर। बरसात शुरू होते ही रेलवे बस स्टेशन की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सामने आ गई है। स्टेशन परिसर की जर्जर छत से लगातार पानी टपक रहा है। इस वजह से प्रतीक्षालय और आसपास के हिस्सों में पानी लग गया है। परिसर में पानी जमा होने के कारण कीचड़ और काई फैल गई है, जिससे यात्रियों के फिसलने का खतरा बढ़ गया है।
बस का इंतजार कर रहे यात्रियों को गंदगी और फिसलन के बीच खड़े रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। कई स्थानों पर छत से टपकता पानी सीधे यात्रियों पर गिर रहा है, जबकि परिसर में जमा पानी से आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रियों का कहना है कि बरसात के मौसम में हर वर्ष यही स्थिति बन जाती है लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया। नियमित सफाई और समय पर मरम्मत के अभाव में काई जमने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
यात्री रोशनी यादव ने कहा कि बस स्टेशन की जर्जर छत की मरम्मत, जलनिकासी की समुचित व्यवस्था और परिसर की नियमित सफाई होनी चाहिए, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण मिल सके।
नीलम श्रीवास्तव ने कहा कि बैठने के स्थान पर भी पूरा पानी लगा है। बैठने या रुकने में असुविधा हो रही है। उन्होंने मरम्मत की मांग की है, जिससे यात्रियों को असुविधा न हो।
ओपीडी में जगह-जगह कचरा, छत भी टपक रही, कीचड़ के बीच इलाज कराने को मजबूर मरीज
गोरखपुर। जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों व्यवस्था की लाचारी साफ देखी जा सकती है। यहां ओपीडी की छत से जगह-जगह पानी टपक रहा है। वहीं पर मरीज पर्ची कटवा रहे हैं।
अस्पताल में चारों तरफ गंदगी का अंबार लगा है। ओपीडी में आने वाले मरीज और तीमारदार गंदे पानी या कीचड को पार करके डॉक्टरों तक पहुंच रहे हैं। वहीं जमा पानी में मच्छर भी दिख रहे हैं, जिनसे बीमारी की आशंका बनी हुई है।
बोले मरीज-
छत से जगह-जगह पानी टपक रहा है। जमा पानी में मच्छर घूम रहे हैं। जल्द से जल्द इसकी सफाई कराई जाए।
- गुड़िया निषाद, मरीज
ओपीडी परिसर में सफाई नहीं है। कई जगह कीचड़ और गंदगी दिख रही है। जल्द से जल्द सफाई हो।
- सूर्य कुमार सिंह, मरीज