इसके लिए प्रमुख स्टेशनों पर बनाए जा रहे हैं बेस किचन
ट्रेनों के पैंट्रीकार की भी कराई गई है संपूर्ण सफाई
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। रेल यात्रियों की सबसे अधिक शिकायत कोच में मिलने वाले भोजन को लेकर होती है। कभी पैंट्रीकार में गंदगी का मामला सामने आता है तो कभी बासी भोजन परोसने की शिकायत से रेलवे के अफसर असहज हो जाते हैं। इन शिकायतों पर रोक लगाने के लिए व्यवस्था में बदलाव का निर्णय लिया गया था। नई व्यवस्था के तहत एक रूट की ट्रेनों का समूह बनाया गया है, जिन्हें उस रूट के प्रमुख स्टेशनों पर वक्त से ताजा भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। पूर्वोत्तर रेलवे में एक अगस्त से यह सुविधा शुरू करने की तैयारी है।
इसके लिए गोरखपुर, गोंडा, देवरिया समेत कई प्रमुख स्टेशनों पर बेस किचन बनकर तैयार हैं। इसके अलावा जिन ट्रेनों में पैंट्रीकार है, उनकी यार्ड में डीप क्लीनिंग (सारे उपकरण कोच से उतारकर) कराई गई है।
गोरखपुर स्टेशन से हर दिन डेढ़ सौ से अधिक ट्रेनें गुजरती हैं। लंबी दूरी की ट्रेनों में आरक्षित श्रेणी में यात्रा करने वाले यात्री रास्ते में अपनी जरूरत व इच्छा अनुसार खाने का आर्डर देते हैं। आईआरसीटीसी की तरफ से इसके लिए वेंडर तय किए गए हैं। नई व्यवस्था के तहत अब एक रूट की पांच से 10 ट्रेनों का एक समूह बनाया गया है। इन ट्रेनों में खाना उपलब्ध कराने के लिए बेस किचन बनाए गए हैं। अलग-अलग स्टेशन पर भोजन का प्रबंध होने के चलते एक तो किसी स्टेशन पर अतिरिक्त भीड़ नहीं जुटेगी, दूसरे यात्रियाें को जरूरत के वक्त ताजा भोजन मिलेगा।
जैसे गोरखपुर से कोई ट्रेन दिल्ली रूट पर जा रही है तो उसके यात्रियों को रात में आठ से नौ बजे के बीच खाना की जरूरत होगी। उस वक्त जो ट्रेन लखनऊ होगी, उसे वहां से भोजन उपलब्ध करा दिया जाएगा। अगर कोई ट्रेन गोरखपुर या गोंडा में होगी, तो वहां के बेस किचन से खाने की आपूर्ति हो जाएगी।
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पूरे रूट पर होनी है व्यवस्था
इस सिस्टम को बेहतर तरीके से लागू कराने के लिए पहली शर्त यह है कि ग्रुप में शामिल ट्रेन के पूरे रूट पर बेस किचन जरूरी है। मतलब यह कि बरौनी से दिल्ली के बीच चलने वाली ट्रेनों में अगर यह सुविधा लागू हुई तो पहले बेस किचन बरौनी से दिल्ली तक चालू कराया जाएगा। इसीलिए अभी इस सिस्टम को शुरू करने में दिक्कत आ रही है। आईआरसीटीसी के एक अधिकारी ने बताया कि एक अगस्त से इस व्यवस्था को लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए दिन रात काम चल रहा है। पूरी उम्मीद है कि पूर्वोत्तर रेलवे में एक अगस्त से इसे लागू कराया जाएगा।
पैंट्रीकारों की भी हुई डीप क्लीनिंग
जिन ट्रेनों में पैंट्रीकार लगी है, उनमें भी यात्रियों की तरफ से भोजन की गुणवत्ता व स्वच्छता को लेकर शिकायत मिलती रहती है। रेलवे बोर्ड की पिछली बैठक में इस पर चर्चा के उपरांत तय किया गया कि अभियान चलाकर सभी पैंट्रीकार की सफाई कराई जाएगी। सीपीआरओ पंकज कुमार सिंह ने बताया कि पैंट्रीकारों में लगे उपकरण को यार्ड में उतारकर साफ कराया जा रहा है, इसके बाद उन्हें वापस इंस्टाल किया जा रहा है, जिससे कि उपकरणों की विधिवत सफाई होती रहे।
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