रेलकर्मी मनमाफिक निजी अस्पताल में नहीं करा सकेंगे इलाज
गोरखपुर। रेलकर्मी इलाज के लिए मनमाफिक निजी अस्पताल का चुनाव नहीं कर सकेंगे। उन्हें रेलवे अस्पताल से सरकारी अस्पतालों या अनुबंध वाले निजी अस्पतालों में ही रेफर किया जाएगा। रेलवे ने व्यवस्था में बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। पश्चिम रेलवे में इसकी शुरूआत भी हो गई है। सुगबुगाहट मिलते ही रेल यूनियनों ने विरोध शुरू कर दिया है।
वर्तमान समय में अगर कोई रेलकर्मी गंभीर बीमार है, तो निजी अस्पताल में रेफर हो जाता है और इलाज के बाद बिल, वाउचर प्रस्तुत करता है तो रेलवे उसे भुगतान कर देती है। लेकिन, इस व्यवस्था में बदलाव की तैयारी चल रही है। इसके तहत कुछ चुनिंदा निजी अस्पतालों में ही इलाज की सुविधा दी जाएगी। इन अस्पतालों के अलावा डॉक्टर कहीं अन्य रेफर नहीं करेंगे। पूूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के महामंत्री विनोद कुमार राय एवं प्रवक्ता एके सिंह ने कहा कि हर कोई बीमार होने पर अच्छे अस्पताल में इलाज चाहता है। रेलवे व सरकारी अस्पतालों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। पीजीआई जैसे संस्थान में मरीज को एडमिट कराना ही बहुत मुश्किल है। ऐसे में अस्पतालों का विकल्प सीमित किया जाएगा, तो रेलकर्मियों की दिक्कतें बढ़ जाएंगी। संगठन इसका विरोध करेेगा। उन्होंने कहा कि मान्यता प्राप्त संगठन नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवे मेन्स को पत्र लिखकर रेलकर्मियों की समस्याओं से अवगत कराया गया है, ताकि रेलवे बोर्ड स्तर पर मामला उठाया जा सके।