रेलकर्मियों को अब पास बनवाने के लिए न तो विभाग का चक्कर काटना पड़ेगा और न ही बाबुओं से पैरवी करनी पड़ेगी। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने अब ई-पास की व्यवस्था शुरू कर दी है। ऑनलाइन आवेदन करते ही रेलकर्मी के मोबाइल फोन में ई-पास बनकर आ जाएगा। यही नहीं, ई-पास से ई-टिकट भी बुक कराए जा सकेंगे।
पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल प्रशासन ने अपने कर्मचारियों को ई-पास जारी करना शुरू कर दिया है। मंगलवार को लखनऊ मंडल के जारी ई-पास पर इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कार्पोरशन (आईआरसीटीसी) की वेबसाइट से ई-टिकट भी बुक किया गया। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए पिछले एक साल से प्रक्रिया चल रही थी। इससे रेलकर्मियों को जहां सहूलियत मिलेगी, वहीं व्यवस्था में पारदर्शिता भी आएगी।
पूर्वोत्तर रेलवे में करीब 45 हजार रेल कर्मचारी कार्यरत हैं और 15 हजार से ज्यादा सेवानिवृत्त कर्मी हैं। ई-पास बनने से टिकट बुक कराने के लिए अब इन्हें काउंटर पर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
तीनों मंडलों में ई-पास की व्यवस्था शुरू हो गई है। इससे ई-टिकट भी बनने लगे हैं। जल्द ही मुख्यालय गोरखपुर में भी यह सुविधा शुरू हो जाएगी। इसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। इस व्यवस्था के लागू होने से कागज की तो बचत होगी ही, पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।
- पंकज कुमार सिंह, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे