दीवाली से पहले रेलवे ने अपने कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। रेलवे बोर्ड ने रात्रिकालीन कार्य भत्तों की कटौती पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इस पर रेल कर्मचारी संगठनों ने खुशी जताते हुए कर्मियों की जीत बताई है।
पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ के प्रवक्ता एके सिंह ने बताया कि हाल ही में रेल मंत्रालय ने एक आदेश जारी कर यह निर्देशित किया था कि 43600 रुपये से अधिक वेतन पाने वाले रेल कर्मचारियों को रात्रि कालीन कार्य भत्ता नहीं दिया जाएगा। इस आदेश के बाद से से कर्मियों में काफी नाराजगी थी।
एनएफआई आर के महामंत्री डॉ. एम. राघवैया ने इसे लेकर भारत सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण मंत्रालय तथा रेल मंत्रालय के समक्ष मामले को उठाते हुए इस पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। इस निर्णय को वापस लेने का दबाव भी संगठन की ओर से बनाया गया था।
इसके बाद से निदेशक स्थापना रेलवे बोर्ड ने फेडरेशन के महामंत्री को बताया है कि मामले को कार्मिक मंत्रालय के पास भेज दिया गया है। जब तक वहां से कोई नया निर्देश नहीं मिल जाता है, तब तक कर्मियों के रात्रिकालीन कार्य भत्तों में कोई कटौती नहीं की जाएगी।
पीआरकेएस के महामंत्री विनोद कुमार राय ने कहा कि यदि प्रशासन रात में कर्मचारियों से काम लेगा तो रात्रि कालीन कार्य भत्ता देना ही पड़ेगा। एनई रेलवे मजदूर यूनियन के महामंत्री केएल गुप्ता ने कहा कि मामले को ऑल इंडिया रेलवे मेस फेडरेशन ने उठाया था। रात्रिकालीन ड्यूटी प भत्ता बंद करने के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई थी। रेलवे बोर्ड ने पूर्व की तरह भत्ता देने का आदेश जारी किया है।