पूर्व प्रदेश अध्यक्ष समेत कई नेताओं ने पदाधिकारियों पर अपना बूथ भी नहीं जिताने का लगाया आरोप
वरिष्ठ पदाधिकारियों ने किया विरोध तो मंचासीन नेताओं को करना पड़ा हस्तक्षेप
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। कांग्रेस के जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान नेताओं की आपसी गुटबाजी खुलकर सामने आ गई। मंच पर एक वरिष्ठ नेता ने अपने भाषण के दौरान इस बात का जिक्र किया कि कई नेता ऐसे हैं, जो अपना बूथ भी नहीं जिता पाते। इस पर सामने की कुर्सियों पर बैठे पूर्व व वर्तमान पदाधिकारी हूटिंग करने लगे। शोर शराबा होने पर मंचासीन नेताओं ने सबको शांत कराया और व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से बचने की नसीहत दी।
मंगलवार को तारामंडल इलाके के एक मैरिज हॉल में 12 जिलों के पूर्व व वर्तमान पदाधिकारियों के बीच संवाद कार्यक्रम आयोजित था। मंचासीन नेता भाषणबाजी कर रहे थे। एक वरिष्ठ नेता ने अपने संबोधन के दौरान चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि कई ऐसे पदाधिकारी भी हैं जो अपने बूथ पर भी पार्टी को नहीं जिता पाते, लेकिन पद उन्हें ही चाहिए।
इस पर सामने बैठे पदाधिकारी शोर मचाने लगे। पदाधिकारियों का कहना था कि सभी पर आरोप लगाने के बजाय जिसके इलाके की ऐसी हालत है, उनका जिक्र होना चाहिए। मंच पर बैठे प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष ने संचालक को इशारा किया।
संचालक ने भाषण दे रहे नेताजी और सामने बैठे पदाधिकारियों को व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से बचने और पार्टी हित में काम करने की नसीहत देकर मामले को शांत कराया। पदाधिकारियों के इस आपसी कलह को लेकर संवाद में आए अन्य पदाधिकारियों में तरह-तरह की चर्चा रही।
कोट-
संवाद कार्यक्रम संगठन को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए आयोजित था। जहां जो कमियां थीं, उस पर खुलकर चर्चा की गई। कोई हंगामा या शोर शराबा नहीं हुई। सभी जिलाध्यक्षों को एक सप्ताह का समय दिया गया है, जिससे कि वह अपनी जिला कमेटी, ब्लॉक व न्याय पंचायत कमेटी को सक्रिय करें। जहां निष्क्रिय पदाधिकारी हैं, उन्हें बदला जाए और उनकी जगह युवा और तेज तर्रार कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाए। आने वाले लोकसभा चुनाव में जीत के लिए संगठन का सक्रिय होना नितांत जरूरी है।
- विश्व विजय सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष