दुनिया के लिए संकट बन चुके कोरोनावायरस के संक्रमण के चलते कतर ने 40 हजार नेपाली श्रमिकों के लिए वीजा स्थगित कर दिया है। यही नहीं नेपाल और भारत के साथ ही 14 देश के लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। नेपाल सरकार के विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, कतर से चालीस हजार श्रमिकों के लिए वीजा पहले ही आ चुका था। कोरोना प्रभाव के कारण कतर ने इसे स्थगित कर दिया है। विदेशी रोजगार उद्यमी संघ के महासचिव सुजीत कुमार श्रेष्ठ ने कहा कि यह कहना संभव नहीं है कि कोरोना संक्रमण के कारण कतर अपना वीजा कब तक स्थगित रखेगा।
अगर वायरस का संक्रमण बढ़ता रहा तो उन्हें कई महीनों के लिए वीजा स्थगित करना होगा। नियमानुसार, वीजा दिए जाने के तीन माह तक कतर में नहीं लगा तो कतर की सरकार के पास ब्लैक लिस्टेड सूची है। वीजा प्राप्त व्यक्ति को दो साल के लिए कतर जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।
हालांकि श्रेष्ठ ने कहा कि उन्होंने कतर से इस जटिल स्थिति में वीजा ब्लैकलिस्टिंग प्रणाली को लागू नहीं करने का आग्रह किया है। महासचिव ने बताया कि हमने अनुरोध किया है कि कोरोनावायरस संक्रमण के जटिल मामलों में वीजा को ब्लैकलिस्ट नहीं किया जाना चाहिए।
इन देशों पर लगा प्रतिबंध
कतर के सरकारी संचार कार्यालय के अनुसार रविवार के बाद से कतर ने नेपाल सहित चीन, भारत, बांग्लादेश, पाकिस्तान, फिलीपींस, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, सीरिया, म्यामार, ईरान, इराक, लेबनान और थाईलैंड सहित 14 देशों के नागरिक को कतर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है। मलेशिया के बाद नेपाली श्रमिकों के लिए कतर दूसरा सबसे आकर्षक देश है। अनुमान है कि वर्तमान में कतर में चार लाख से अधिक नेपाली श्रमिक काम कर रहे हैं।