शोहरतगढ़ ब्लॉक की 64 सीटों में एससी वर्ग के लिए 12 पद आरक्षित हैं। इनमें महिलाओं के लिए चार सीटें सुरक्षित हैं। ओबीसी वर्ग को 12 पद मिलेंगे, जिसमें महिलाओं के लिए छह पद सुरक्षित हैं। अनारक्षित सीटें 22 रखी गई हैं जबकि 12 सीटें महिलाओं के खाते में गई हैं। 77 पद वाले बढ़नी ब्लॉक में एससी वर्ग के लिए 12 सीटें आरक्षित की गई हैं। इनमें चार पर महिला प्रधान चुनी जाएंगी। ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित 21 सीटों में महिलाओं के लिए के लिए सात सीटें सुरक्षित रखी गई हैं। अनारक्षित पद 29 और महिलाओं के लिए 15 पद रखे गए हैं।
जोगिया की 72 ग्राम पंचायतों में एससी वर्ग के लिए 15 सीटें आरक्षित की गई हैं। इनमें से पांच महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग के खाते में 19 सीट आई हैं जिनमें सात महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं। महिलाओं को 12 ग्राम पंचायत सौंपी गई हैं जबकि अनारक्षित सीटें में भाग्य आजमाएंगी जबकि 26 ग्राम पंचायतें अनारक्षित रहेंगी। बांसी ब्लॉक की 84 ग्राम पंचायतों में अनुसूचित जाति के लिए 11 आरक्षित हैं, इनमें चार इस वर्ग की महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं। ओबीसी को 23 पद दिए गए हैं जिनमें आठ महिलाएं होंगी।
16 ग्राम पंचायतें महिलाओं को समर्पित की गई हैं जबकि 34 अनारक्षित हैं। खेसरहा ब्लॉक की 99 ग्राम पंचायतों में तीन ग्राम पंचायतों में एसटी वर्ग के प्रधान होंगे जिनमें एक महिला के लिए सुरक्षित रहेगी। एससी वर्ग के 20 ग्राम पंचायतों में प्रतिनिधित्व करेगा, इनमें सात महिलाओं के लिए सुरक्षित है। ओबीसी के लिए ब्लॉक की 26 ग्राम पंचायतें सुरक्षित की गई हैं जिनमें नौ पर महिलाएं ग्राम प्रधान होंगी।
महिलाओं के लिए 16 और अनारक्षित सीटें 34 रहेंगी। 121 ग्राम पंचायतों वाले मिठवल ब्लॉक में एसटी वर्ग को तीन सीट दी गई हैं। इनमें एक एसटी महिला के लिए सुरक्षित है। एससी के लिए 23 ग्राम पंचायतें सुरक्षित की गई हैं इनमें आठ पर महिलाएं चुनी जाएंगी। ओबीसी ग्राम प्रधान 32 ग्राम पंचायतों में चुने जाएंगे, जिनमें 11 महिलाएं होंगी। अनारक्षित सीटें 42 रखी गई हैं जबकि महिलाओं को 21 ग्राम पंचायतों का प्रतिनिधित्व सौंपा गया है।
डुमरियागंज ब्लॉक की 115 ग्राम पंचायतों में 15 पर एससी का प्रतिनिधित्व होगा, इनमें से पांच पर महिला ग्राम प्रधान होंगी। ओबीसी के लिए 31 ग्राम पंचायतें आरक्षित की गई हैं। इनमें 11 पर महिलाओं का कब्जा रहेगा। 46 ग्राम पंचायतों को अनारक्षित रखा गया है जबकि 23 पद महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं।
भनवापुर ब्लॉक की 111 ग्राम पंचायतों में अनुसूचित जाति के लिए 21 पद आरिक्षत किए गए हैं। इनमें से सात महिलाएं ग्राम प्रधान चुनी जाएंगी। ओबीसी के लिए 29 ग्राम पंचायतें आरक्षित हैं इनमें 10 महिला ग्राम प्रधान होंगी। अनारक्षित सीटें 41 रखी गई हैं जबकि महिलाओं के खाते में 20 सीटें गई हैं। इटवा ब्लॉक की 87 ग्राम पंचायतों में इस बार चार एससी महिलाओं के साथ कुल 11 ग्राम प्रधान एससी होंगे। इस ब्लॉक में 23 ग्राम प्रधान ओबीसी होंगे जिनमें आठ महिलाएं होंगी।
अनारिक्षत सीटें 36 रखी गई हैं जबकि महिलाओं को 17 सीटें समर्पित हैं। खुनियांव ब्लॉक की 117 ग्राम पंचायतों में 15 अनुसूचित जाति को सौंपी गई हैं। इनमें पांच महिला ग्राम प्रधान होंगी। अन्य पिछड़ा वर्ग से 32 ग्राम प्रधान होंगे जिनमें 11 महिलाएं शामिल हैं। 47 ग्राम पंचायतें अनारक्षित रखी गई हैं जबकि महिलाओं के खाते में 23 सीटें आई हैं।