गोरखपुर। गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को और मजबूत बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। प्राधिकरण ने अपनी सीमा के भीतर आने वाली तीन प्रमुख सड़कों को लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से हस्तांतरित कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। प्रक्रिया पूरी होते ही इन सड़कों के रखरखाव और विकास का जिम्मा गीडा के पास आ जाएगा। इससे विकास परियोजनाओं में तेजी आने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया। इसके बाद कमिश्नर ने पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया है कि सड़कों के हस्तांतरण की प्रक्रिया निर्धारित समय के भीतर पूरी कराई जाए। हस्तांतरण के लिए जिन मार्गों का चयन किया गया है उनमें नौसड़-कालेसर मार्ग, बोक्टा-पिपरौली मार्ग और नौसड़-मदर डेयरी मार्ग शामिल हैं। ये तीनों सड़कें औद्योगिक गतिविधियों और क्षेत्रीय संपर्क की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। नौसड़-कालेसर मार्ग शहर का प्रमुख प्रवेश मार्ग है जबकि बोक्टा-पिपरौली मार्ग गीडा के आंतरिक क्षेत्रों को जोड़ता है। वहीं, नौसड़-मदर डेयरी मार्ग ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच आवागमन की प्रमुख कड़ी है।
निर्माण के लिए लेनी पड़ती थी एनओसी
वर्तमान में इन सड़कों का रखरखाव पीडब्ल्यूडी के अधीन होने के कारण गीडा को किसी भी निर्माण या विकास कार्य से पहले अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी) लेना पड़ता था। इसी वजह से सड़क चौड़ीकरण, डिवाइडर निर्माण, स्ट्रीट लाइट और सुंदरीकरण जैसी योजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पाती थीं। अब सड़कें गीडा के अधीन आने के बाद प्राधिकरण अपनी जरूरतों और योजनाओं के अनुसार सीधे विकास कार्य करा सकेगा।
बोले अधिकारी
तीनों सड़कें गीडा को हस्तांतरित होने के बाद विकास कार्यों में विभागीय औपचारिकताओं की बाधा नहीं रहेगी। इससे उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप सड़कें विकसित की जा सकेंगी, जिससे निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
- रामप्रकाश, अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, गीडा