जिले के जाने माने उद्यमी व समाजसेवी ओमप्रकाश जालान (72) का बुधवार सुबह दिल्ली के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। वह काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। सोमवार को उन्हें एयर एंबुलेंस से मेदांता में भर्ती कराया गया था। बुधवार सुबह उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस ली। दिल्ली से उनका शव लाया जा रहा है। उनका अंतिम संस्कार बृहस्पतिवार को राजघाट पर किया जाएगा।
हाल ही में सीएम योगी आदित्यनाथ ने उनके बीमार होने की जानकारी होने पर नकहा स्थित उनके आवास पर पहुंच कर उनका कुशलक्षेम पूछा था। उद्यमी व समाजसेवी ओमप्रकाश जालान के निधन की सूचना मिलते ही जिले के औद्योगिक, व्यापारिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
उनके भतीजे पवन जालान ने बताया कि ओमप्रकाश जालान काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। अपने पीछे पत्नी पूनम जालान, पुत्र अनुज जालान व तनुज जालान सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
ओमप्रकाश जालान ने अपने परिश्रम, दूरदर्शिता और उद्यमशीलता से शहर के व्यापारिक परिदृश्य को नई दिशा दी। उनकी सरिया निर्माण फैक्टरी है। वह रियल एस्टेट कारोबार से भी जुड़े रहे। समाजसेवा के क्षेत्र में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके निधन को गोरखपुर के उद्योग व व्यापार जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
ओमप्रकाश जालान जालान के पिता युगुल किशोर जालान भी इस क्षेत्र के प्रतिष्ठित उद्यमी रहे। तीन भाइयों में ओमप्रकाश जालान सबसे बड़े थे। उनके दूसरे भाई अशोक जालान उद्यमी हैं। उनके सबसे छोटे भाई विनोद जालान का कुछ वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। वह भी उद्यमी थे।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक
उद्यमी ओमप्रकाश जालान के निधन पर मुख्यमंत्री व गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने शिवावतार भगवान गोरखनाथ से दिवंगत की आत्मा की चिर शांति और परिजन को दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।
ओमप्रकाश जालान के पुत्रों अनुज जालान और तनुज जालान को भेजे शोक संवेदना में मुख्यमंत्री ने कहा कि ओमप्रकाश जालान का निधन अत्यंत दुखदायी है। ओमप्रकाश जालान प्रमुख उद्यमी होने के साथ ही सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करने में भी सदैव आगे रहते थे।
गोरक्षपीठ के प्रति उनकी अगाध आस्था थी। उनका निधन उद्योग जगत के साथ ही सामाजिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। ओमप्रकाश जालान की आत्मा को चिर शांति मिले और सभी परिवारजन को इस अपार दुख को गुरु गोरक्षनाथ सहन करने की शक्ति दें।