गोरखपुर। महाशिवरात्रि पर सम्मय माता मंदिर समिति व राधा रानी सेवा संस्थान की ओर से आयोजित संगीतमय कथा में मृदुलानंद शास्त्री की ओर से शिव-पार्वती विवाह प्रसंग के रसपान से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे।
कथा के दौरान महागौरी की विदाई का मार्मिक प्रसंग सुनाते हुए कथा वाचक ने कहा कि बेटी चाहे कितनी भी दुलारी क्यों न हो, एक दिन उसे ससुराल जाना ही पड़ता है। माता पार्वती और माता मैना रानी की विदाई का वर्णन सुनकर उपस्थित श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और वातावरण भावुक हो उठा। वहीं दूसरी ओर शिव बारात में भूत-प्रेत एवं भगवान शंकर के गणों का रोचक वर्णन करते हुए कथा वाचक ने भक्तों को खूब हंसाया। कथा के बाद भगवान शिव की बारात शोभायात्रा रथ, डीजे, झांकियों व नृत्य के साथ भव्य ढंग से निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में मंदिर समिति के अध्यक्ष रामदास मिश्रा, आचार्य दुखहरण पाठक, अमर त्रिपाठी तथा राधा रानी सेवा संस्थान के अध्यक्ष त्रिभुवन, कन्हैया व राकेश मणि त्रिपाठी सहित अन्य पदाधिकारी व विशेष यजमान पासवान उपस्थित रहे।