गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में विधि छात्रा के यौन उत्पीड़न के आरोप के बाद अब एक प्रोफेसर का अश्लील वीडियो व ऑडियो सुर्खियों में है। वीडियाे में प्रोफेसर एक युवती के साथ आपत्तिजनक हालत में दिख रहे हैं। इसकी शिकायत मोबाइल फोन बनाने वाले एक मैकेनिक ने कुलपति और राष्ट्रीय महिला आयोग में की थी। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने आंतरिक कमेटी की जांच बैठा दी। उधर, मंगलवार को राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य डॉ. डेलिना खोंगडुप ने विश्वविद्यालय पहुंचकर मामले की जांच की।
उन्होंने पहले आंतरिक जांच कमेटी से जानकारी हासिल की। वीडियो के आधार पर संभावित घटनास्थल को भी देखा। आंतरिक जांच कमेटी से जांच रिपोर्ट भी ली। माना जा रहा है कि महिला आयोग की रिपोर्ट के बाद प्रोफेसर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
जानकारी के मुताबिक, गोरखपुर विश्वविद्यालय में एक विभाग के अध्यक्ष की रंगीनमिजाजी की शिकायत मई 2023 में राष्ट्रीय महिला आयोग में की गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि वह मोबाइल फोन मैकेनिक है। उसके पास एक मोबाइल फोन मरम्मत के लिए लाया गया। उस मोबाइल फोन के स्टोर एवं चिप में कई अश्लील ऑडियो एवं वीडियो मिले। इसके बाद उसने कुलपति और राष्ट्रीय महिला आयोग में ऑडियो-वीडियो का क्लिप भेजकर शिकायत की।
सूत्रों की मानें तो वीडियो में दिख रही युवती, विभागाध्यक्ष के विभाग में अक्सर देखी जाती है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने आयोग की सदस्य डेलिना खोंगडुप की अध्यक्षता में जांच कमेटी गठित की है। डेलिना खोंगडुप मंगलवार को गोविवि के प्रशासनिक भवन पहुंचीं। विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच कमेटी व पुलिस अधिकारियों के साथ प्रशासनिक भवन स्थित कमेटी हॉल में बैठक की। इस दौरान कमेटी की जांच की प्रगति जानने के बाद अन्य पहलुओं पर भी जांच का आदेश दिया।
महिला आयोग की सदस्य के साथ जांच कमेटी के समन्वयक सर्वेश पांडेय, विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव चंद्रेश धीमान, विधि विभाग के डीन प्रो. अहमद नसीम, प्रो. नंदिता आईपी सिंह, प्रो. दिव्यारानी सिंह, प्रो. शिखा सिंह, सीओ कैंट योगेंद्र सिंह, कैंट इंस्पेक्टर रणधीर मिश्रा आदि मौजूद रहे।
...
युवती और पत्नी ने नहीं दर्ज कराई है आपत्ति
प्रोफेसर के अश्लील वीडियो एवं ऑडियो के संबंध में विश्वविद्यालय की आंतरिक कमेटी ने जांच की तो पता चला कि युवती ने कोई आपत्ति नहीं दर्ज कराई है। सूत्रों के मुताबिक जांच कमेटी को उसने बताया कि वह बालिग है, उसे कोई आपत्ति नहीं है। वहीं, प्रोफेसर की पत्नी ने भी आपत्ति दर्ज नहीं कराई है।
...
एक अन्य प्रोफेसर भी जांच के घेरे में, पत्नी ने की है शिकायत
राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य के साथ हुई बैठक में गोरखपुर विश्वविद्यालय में महिला उत्पीड़न से जुड़े अन्य मामलों पर भी चर्चा की गई। इसमें एक प्रोफेसर पर उनकी पत्नी की ओर से लगाए गए गंभीर आरोप का भी मामला सामने रखा गया। हालांकि, शिक्षक की पत्नी बुलाने पर बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचीं। इस पर आयोग की सदस्य ने महिलाओं के यौन उत्पीड़न को लेकर गंभीर रहने के निर्देश दिए।