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सात फेरों पर फर्जीवाड़े का ‘ग्रहण’, फर्जी शिक्षकों की बर्खास्तगी के बाद शादी में फंस रहा पेंच

Sat, 01 Feb 2020 10:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो नीरज मिश्र, सिद्धार्थनगर।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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कहते हैं धरती की जोड़ियां ईश्वर बनाता है। यह सही है या नहीं, यह आपकी आस्था का विषय हो सकता है। पर गृहस्थ जीवन के लिए जिस रिश्ते को तय किया जाता है कि उसके लिए तमात यत्न किए जाते हैं। अच्छे घर और वर की चाहत में कन्या पक्ष के लोग तमाम खोजबीन करते हैं। मगर उसमें फर्जीवाड़े या फर्जीवाड़ा शब्द नहीं रहता होगा। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग ने वर खोजने वालों की लिस्ट में एक नई चुनौती जोड़ दी है। यह चुनौती फर्जी शिक्षकों का पता लगाने की। ताबड़तोड़ 101 शिक्षकों के फर्जी होने के बाद अब ‘गुरु’ पदनाम कटघरे में है। हाल ही में हुई ऐसी ही दो-तीन शादियां कन्या पक्ष के लिए सदमे का सबब बन गई हैं। जिसमें वर फर्जी शिक्षक साबित हो गया।
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जिले में फर्जी शिक्षकों की कहानियां रुक नहीं रही हैं। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री का जिला होने के बाद अब तक 101 फर्जी शिक्षक पिछले डेढ़ साल में बर्खास्त हो चुके हैं। एसटीएफ और पुलिस विभाग के पास जो प्रमाण मिले हैं उस आधार पर अब भी जिले में 500 से अधिक शिक्षक फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी कर रहे हैं। ऐसे में अब संकट हो गया है नवागत शिक्षकों की शादी का। वजह भी ठोस है। फर्जीवाड़े की कहानी रुक नहीं रही है।

ऐसे में अब कन्या पक्ष के परिजनों के सामने संकट यह खड़ा हो गया है कि आखिर कौन शिक्षक फर्जी है, कौन सही। वर चुनें भी तो किस आधार पर। क्योंकि हाल में ही बर्खास्त किए गए शिक्षकों में देवरिया, गोरखपुर और महराजगंज के ऐसे शिक्षक मिले हैं, जिनकी शादियां हो चुकी थीं। लेकिन परिजनों को जब यह पता चला कि शिक्षक फर्जी है, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। क्योंकि उसी शिक्षक पेशे के नाम पर बेहतर दान दहेज देकर कन्या पक्ष ने अपनी बेटी को विदा किया था।

अब वही शादी उनके लिए मुसीबत बन गई है। यह कहानी केवल शिक्षकों की नहीं है। यह कहानी गोरखपुर और देवरिया की एक-एक शिक्षिकाओं की भी हैं। जिनकी शादी शिक्षिका होने के नाम पर अच्छे घरों में हो गई। लेकिन नौकरी के कुछ दिन बाद ही जब बहू जेल गई, तो समाज में उनका कद और रुतबा दोनों गिर गया।
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अब शादी ढूंढने से लग रहा है डर

जिले का एक परिवार अपनी बेटी की शादी के लिए लड़के की तलाश में जुटा हुआ था। इस बीच देवरिया के एक शिक्षक के घर पर मामला तय हो गया था। लेकिन दूसरी लिस्ट में जब शिक्षकों की बर्खास्तगी हुई तो परिजनों ने शादी से मना कर दिया। इसके बाद परिजनों ने शिक्षकों के यहां बेटी की शादी न करने का फैसला लिया है। परिजनों का कहना है कि इतना बड़ा रिस्क कौन लेगा। कब कौन शिक्षक फर्जी निकल जाए, किसे पता।

70 प्रतिशत से अधिक शिक्षकों की हो चुकी हैं शादियां
बर्खास्त किए गए फर्जी शिक्षकों में करीब 70 प्रतिशत से अधिक लोगों की शादियां हो चुकी हैं। बताया जाता है कि शिक्षक बनने के बाद इनकी शादियां अच्छे घरों में हुई हैं। बेहतर दान दहेज भी मिला है। कई को तो कार तक मिली है। लेकिन जब जेल गए तो परिजनों को गहरा सदमा लगा है। लेकिन अब वह करें तो क्या करें। इन शिक्षकों में 10 से अधिक शिक्षिकाएं भी शामिल हैं।
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