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कोरोना जांच के लिए निजी लैब नहीं हो रहे तैयार, इन अधिकारियों तक पहुंची बात

Mon, 27 Apr 2020 10:34 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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कोरोना वायरस। - फोटो : Amar Ujala
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शहर में कोरोना जांच के लिए जिन दो निजी लैब को आईसीएमआर ने अनुमति दी थी, वे 2500 रुपये में जांच करने को तैयार नहीं है। इसकी शिकायत डॉक्टरों ने कमिश्नर से लेकर सीएमओ तक से की है। उधर, लैब संचालकों ने तीन दिन से सैंपल लेने बंद कर दिए हैं।

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शहर के पैथकाइंड और डॉ. लाल पैथलैब को आईसीएमआर की ओर कोरोना जांच की अनुमति करीब एक सप्ताह पूर्व दी गई थी। जांच के लिए आईसीएमआर ने 4500 रुपये तय किए थे। इसी रेट पर पैथकाइंड लैब ने 21 लोगों के सैंपल लेकर जांच के लिए नमूना गुरुग्राम भेजा था। वहां से सबकी रिपोर्ट निगेटिव आई।

इस बीच शुक्रवार को शासन ने कोरोना जांच के लिए शुल्क 2500 रुपये तय कर दिए। शासन की ओर से तय रुपये के आधार पर जब निजी अस्पतालों ने लैब को सैंपल लेने को कहा, तो उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद मामला कमिश्नर और सीएमओ तक पहुंचा। डॉक्टरों ने लैब संचालकों की मनमानी की शिकायत की।

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‘कंपनी नहीं ले रही सैंपल’

उधर, लैब संचालकों ने बताया कि कंपनी की ओर से जांच के लिए 4500 रुपये तय किए गए हैं। ऐसे में 2500 रुपये में जांच संभव नहीं है। इसे लेकर संचालकों ने सीएमओ को पत्र भी लिखा है। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि रेट का निर्धारण शासन स्तर से होना है। इसकी जानकारी शासन को दी गई है। जो भी दिशा-निर्देश मिलेंगे, उसका पालन किया जाएगा।

पैथकाइंड के डॉ. संतोष चौरसिया ने बताया कि नए रेट को लेकर कंपनी ने सैंपल लेने से मना कर दिया है। यही वजह है कि तीन दिन से सैंपल नहीं लिए जा रहे हैं। इसकी जानकारी सीएमओ को दी गई है।
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