डॉ अजय शुक्ला ने बताया कि कोरोना मरीजों को जरूरत के मुताबिक रेमेडेसिविर और टोसिलिजुमैब दिया जाएगा। लेकिन इसके लिए उन्हें अलग से रुपये देने होंगे। शासन ने इन्हें पैकेज में नहीं जोड़ा है। बताया कि अगर कोई मरीज किडनी सहित अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित है, तो उसका आयुष्मान योजना के लाभार्थियों के लिए तय किए गए रेट पर ही उपचार किया जाएगा। अतरिक्त चार्ज नहीं लिया जाएगा। इसके अलावा अगर कोरोना मरीज आयुष्मान योजना का पात्र हैं तो उससे भी रुपये नहीं लिए जाएंगे।
पहले लगते थे 30 से 35 हजार रुपये
निजी अस्पतालों में पहले अति गंभीर कोरोना मरीजों को एक दिन में 30 से 35 हजार और गंभीर मरीजों को 20 से 25 हजार रुपये देने पड़ते थे।
यहां है इलाज की सुविधा
एसीएमओ डॉ नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि बड़हलगंज स्थित दुर्गावती हॉस्पिटल में 22 बेड, आर्यन हॉस्पिटल में लेवल-टू के 30 बेड, न्यू उदय हॉस्पिटल में 20 बेड, फातिमा हॉस्पिटल में 54 बेड, पनेशिया में 72 बेड, होटल रॉयल रेजीडेंटसी में 50 बेड, रेलवे अस्पताल में 25 बेड, बीआरडी मेडिकल कॉलेज में लेवल टू व थ्री के 500 बेड, स्पोर्ट कॉलेज में लेवल वन के 200 बेड की सुविधा उपलब्ध है।