निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने स्वास्थ्य विभाग से दो हजार पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट) किट की मांग की है। विभाग ने एक हजार डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टॉफ को कोरोना से बचाव की ट्रेनिंग अब तक दे चुका है। अन्य डॉक्टरों से संपर्क में जुटा हुआ है।
इमरजेंसी सेवा के लिए 60 डॉक्टरों ने ऑनलाइन आवेदन किया था। इसे लेकर टीम उनके संसाधनों की जांच करेगी। इसके बाद ही निर्णय लिया जाएगा। सीएमओ डॉ: श्रीकांत तिवारी ने बताया कि निजी डॉक्टरों को ट्रेनिंग देने का काम एक माह से शुरू है। अब तक एक हजार लोगों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
सभी डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाॅफ को निर्देश दिया गया है कि वे पीपीई किट पहन कर ही मरीजों का इलाज करें। बताया कि निजी डॉक्टरों ने दो हजार पीपीई किट की मांग की है, उनकी मांग से जिला प्रशासन को अवगत करा दिया गया है।
जिन डॉक्टरों ने इमरजेंसी सेवा के लिए आवेदन किया था, उस पर फैसला जांच के बाद ही लिया जाएगा। उन्हें बताना होगा कि वे ट्रेनिंग कहां लिए हैं, उनके पास पीपीई किट कितनी है, सैनिटाइजर, ग्लब्स तथा कोरोना संदिग्ध मरीजों को देखने के लिए अलग कमरा है या नहीं, इसकी जांच के बाद ही उन्हें अंतिम अनुमति प्रदान की जाएगी। ये सारी चीजें नहीं होने पर अस्पताल सील कर दिया जाएगा।