दुर्गा शरण पर आरोप था कि वह बिहार व यूपी के सीमावर्ती जिलों के दुकानदारों को फर्जी चेक देकर सामान लेकर फरार हो जाता था। उसके पास से छह लाख रुपये का सामान भी बरामद हुआ था। मूल रूप से बिहार के सिवान के मैरवा निवासी दुर्गा शरण जायसवाल देवरिया के भुजौली कॉलोनी में किराए के मकान में रहता था।
जेलर प्रेम सागर शुक्ला के बताया कि 26 जून को दुर्गा शरण जब जेल में दाखिल हुआ तो उसकी तबीयत खराब हो गई। जेल के डॉक्टर की सलाह पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था।
रविवार की शाम करीब सात बजे उसकी मौत हो गई। दुर्गा शरण के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के साथ ही जेल प्रशासन के जरिए पुलिस ने उसके घरवालों को सूचना भेजवा दी थी जिसके बाद रात में पहुंचने परिजनों ने हंगामा किया।