कोरोना संक्रमण को रोकने और मौत की दर को कम करने को लेकर कमिश्नर जयंत नार्लिकर ने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए हैं। टीम भावना के साथ कार्य करने की बात कहते हुए लापरवाही पर कार्रवाई की बात भी कही है। उन्होंने सीएचसी और पीएचसी पर टेस्टिंग बढ़ाने को कहा। वह एनेक्सी सभागार में कोरोना से संबंधित बैठक को संबोधित कर रहे थे।
कहा कि सभी सीएचसी/पीएचसी पर एमवाईसी कोविड मैनेजमेंट में पूरा सहयोग करें। यदि कोई पॉजिटिव आता है तो उसके नियमानुसार कार्रवाई की जाए। कहा कि संक्रमित व्यक्ति को रेफर कर देना ही एमवाईसी की जिम्मेदारी नहीं है। बल्कि उसका टेस्टिंग करते हुए उपलब्ध संसाधनों का प्रयोग करते हुए रेफर किया जाए। कहा कि पॉजिटिव व्यक्ति के संपर्क में आने वाले लोगों की तलाश अधिक से अधिक की जाए।
सीएचसी और पीएचसी पर टेस्टिंग बढ़ाया जाए। आशा, एएनएम प्रतिदिन कम से कम 20 से 25 घरों की निगरानी करें। निजी अस्पतालों में भी ट्रूनेट मशीन लगाने के निर्देश देते हुए सीएमओ से कहा कि यह सुनिश्चित हो कि एंबुलेंस नियत समय पर मरीज को सेवाएं प्रदान करें।
डीएम के विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि कोविड-19 के मरीजों की जांच के लिए रैपिड एक्शन टीम का गठन किया गया है। 10 टीमें शहरी क्षेत्र में तथा 10 शहर से बाहर लगाए गए हैं। बताया कि रैपिड टीम से डोर-टू-डोर सर्वे कराया जा रहा है। इस दौरान तमाम अधिकारी मौजूद रहे।