परिवहन निगम की बसों में अब प्रेशर हॉर्न नहीं लगा सकेंगे। इसके उल्लंघन पर चालक, परिचालक एवं संबंधित कर्मचारी पर तत्काल एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। बसों में चालक अब निर्धारित हॉर्न का ही उपयोग कर सकेंगे।
कुछ रोडवेज बसों के साथ अधिकतर अनुबंधित बसों में प्रेशर हॉर्न लगे हुए हैं। प्रेशर हॉर्न को अनुबंधित बस मालिक और चालक शौकिया तौर पर अपने बसों में लगाए रहते हैं।
दरअसल, इस हॉर्न के बजने पर कई बार रास्ते में चल रहे राहगीर एवं बच्चे घबरा जाते हैं। अक्सर इनके चोटिल होने की भी घटनाएं हो जाती हैं। अस्पताल के आस-पास बसों के आवागमन के दौरान प्रेशर हॉर्न के बजने से मरीजों में घबराहट होती है। ऐसे में शासन ने प्रेशर हॉर्न के उपयोग पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है।
सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक परिवहन निगम केके तिवारी ने बताया कि बसों में प्रेशर हॉर्न के उपयोग पर पाबंदी लगाई गई है। रोडवेज की बसों से इस तरह के हॉर्न को निकलवा दिया गया है। अनुबंधित बसों से भी जल्द ही इसे निकलवा दिया जाएगा।