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अनलॉक 1.0: कोरोना से 'जंग' के बीच धार्मिक स्थलों को खोलने की तैयारी, इन नियमों का करना होगा पालन

Thu, 04 Jun 2020 03:55 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
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अनलॉक 1.0 के दूसरे चरण में आठ जून से मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च खोले जाने हैं। पहले गृहमंत्रालय, फिर यूपी सरकार ने जरूरी शर्तों के साथ धार्मिक स्थल खोलने की अनुमति दे दी है। अब जिलाधिकारी के. विजयेंद्र पांडियन को अंतिम निर्णय लेना है।

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हालांकि धार्मिक स्थलों के प्रबंधन ने केंद्र और यूपी सरकार की एडवायजरी को ध्यान में रखते हुए धार्मिक स्थलों को फिर खोलने की तैयारी कर ली है। अभी सारा ध्यान साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन पर है। प्रबंधन से जुड़े लोगों का कहना है कि कोरोना वायरस का खतरा अभी टला नहीं है। कोविड-19 वायरस से बचाव के जो भी नियम, मानक तय हैं, उसका 100 फीसदी अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

आठ से खुलेंगी मस्जिदें, घर से लानी होगी टोपी और तौलिया

gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
लॉकडाउन के लगभग ढाई महीने बाद आठ जून से मस्जिदें आम लोगों के लिए खोल दी जाएंगी। मस्जिदों के खुलने से पूर्व बरती जाने वाली सावधानियों पर मंथन जारी है। कुछ उलेमा-ए-किराम ने इस मामले पर पहल की है। उन्होंने मस्जिदों में इबादत करने वालों व मस्जिदों के जिम्मेदारों को सावधानी बरतते हुए कुछ सुझाव दिए हैं। जिससे कोरोना वायरस से लड़ने में मदद मिलेगी।
 
मुफ्ती अख्तर हुसैन (मुफ्ती-ए-गोरखपुर) ने कहा कि कोरोना का प्रकोप अभी खत्म नहीं हुआ है, लिहाजा हमें ज्यादा सावधानी बरतनी हैं। शासन ने आठ जून से मस्जिदों में आम लोगों को नमाज पढ़ने की इजाजत दे दी है। मस्जिद में फर्ज नमाज अदा करना जरूरी है। एहतियाती तदबीर अपनाते हुए मस्जिदों में फर्ज नमाज अदा करें।

सुन्नत व नफ्ल नमाज घरों में अदा करें। वुजू भी घर से करके आएं। मस्जिद का तौलिया व टोपी उपयोग में न लाएं। कुरआन-ए-पाक की तिलावत करें। जब जरूरत हो तभी घर से निकलें। घर से निकलने की दुआ पढ़कर व मास्क लगाकर ही बाहर निकलें। कोरोना प्रकोप के मद्देनजर दीनी जलसा व इज्तिमा न करें।

मुफ्ती मो. अजहर शम्सी (नायब काजी) और हाफिज महमूद रजा कादरी (इमाम चिश्तिया मस्जिद बक्शीपुर) ने कहा कि सब्र करने वालों के साथ अल्लाह है। जैसे हमने ढाई महीने सब्र किया है, आगे भी करेंगे। बीमार, बच्चे व  65 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग मस्जिद न जाएं। अपने साथ रूमाल व टोपी लेकर ही मस्जिद जाएं।

मस्जिद का तौलिया व टोपी का उपयोग बिल्कुल न करें। मस्जिद में पहुंचकर हाथ व पैर धो लें। कोरोना के प्रति जागरूक करने के लिए जारी सरकारी एप मोबाइल में डाउनलोड कर लें। मस्जिद में एक साथ दाखिल या बाहर निकलने का प्रयास न करें।

चर्च: बगैर मास्क प्रवेश नहीं, संख्या पर भी विचार

gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
आठ जून से सभी धार्मिक स्थलों को खोले जाने की तैयारी चल रही है। चर्च खुलने को लेकर मसीही विश्वासियों में खुशी है।

बुधवार को शहर के सेंट जांस चर्च बशारतपुर, सेंट थॉमस चर्च धरमपुर, पीस चर्च मयूर विहार (एल्युमिनियम फैक्ट्री रोड), सेंट एंथनी चर्च धरमपुर, एचईएम चर्च खजांची बाजार, गोस्पेल चर्च मोती पोखरा, प्रेयर हॉल राप्तीनगर, मसीही कलीसिया चर्च खरैया पोखरा आदि चर्च को समाजसेवी चर्चिल अधिकारी ने सैनिटाइज कराया। सेंट थॉमस चर्च धरमपुर के पुरोहित संजय विंसेट ने बताया कि विश्वासियों को बगैर मास्क प्रवेश नहीं देंगे।

सेंट जोसेफ महागिरजाघर के पल्ली पुरोहित फादर ग्रेगरी ने बताया कि चर्च फिर से खुलने के लिए तैयार हैं। प्रदेश सरकार के नियम आने के बाद ही यह निश्चित करेंगे कि चर्च के अंदर कितने लोगों का प्रवेश होगा। साथ ही मास्क और शारीरिक दूरियों पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसके साथ ही अल्टर व पादरी, ले लीडर और सदस्यों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग रखी जाएगी। साथ ही हाथ न मिलाकर दूर से ही अभिवादन किया जाएगा।
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75 दिन बाद गुरुद्वारों में गूंजेंगे शब्द कीर्तन

gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।
लॉकडाउन की वजह से 75 दिनों से बंद चल रहे शहर के गुरुद्वारों में एक बार फिर आठ जून से रौनक नजर आएगी। श्रद्धालु गुरु चरणों में अपनी श्रद्धा निवेदित करेंगे। एक बार फिर ‘जो बोले सो निहाल’, ‘वाहे गुरु जी दा खालसा, वाहे गुरु जी की फतेह’ से पूरा गुरुद्वारा परिसर गुंजायमान होगा।
 
जटाशंकर प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जसपाल सिंह ने बताया कि आठ जून से नियमित शब्द कीर्तन सुन श्रद्धालु निहाल होंगे। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। वहीं मॉस्क और सैनिटाइजर का इस्तेमाल अनिवार्य होगा।

प्रसाद वितरण के दौरान भी सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ख्याल रखा जाएगा। पंजाबी अकादमी के सदस्य जगनैन सिंह नीटू ने बताया कि पहले दिन कीर्तन के बाद अंतिम अरदास का आयोजन होगा। इसके साथ ही पैडलेगंज और मोहद्दीपुर गुरुद्वारा को भी खोलने की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
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