गोरखपुर। रेलकर्मियों की साहित्यिक प्रतिभा एवं उनकी रूचि को प्रोत्साहित करने के लिए रेल मंत्रालय हिंदी में कहानी, उपन्यास, नाटक एवं अन्य गद्य साहित्य के अलावा काव्य-गजल संग्रह को पुरस्कृत करेगा। इसके लिए प्रेमचंद पुरस्कार तथा मैथिलीशरण गुप्त पुरस्कार दिए जाएंगे। इसके तहत दोनों विधाओं में प्रथम पुरस्कार के रूप में 20 हजार, द्वितीय पुरस्कार के तहत 10 हजार और तृतीय पुरस्कार पाने वालों को सात हजार रुपये के साथ प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। इसके लिए पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने 22 मई तक आवेदन मांगे हैं।
रेल मंत्रालय ने वर्ष-2025 के पुरस्कारों के लिए प्रविष्टियां मांगी हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले रेल अधिकारी व कर्मचारी अपनी मौलिक कृति तीन मुद्रित अथवा तीन टंकित प्रतियों के साथ 22 मई तक राजभाषा विभाग, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी कार्यालय, पूर्वोत्तर रेलवे को भेज सकते हैं। पुस्तक सामान्यतया 100 पृष्ठों से कम नहीं होनी चाहिए।
रेलकर्मी अपने मौलिक कृति के साथ निर्धारित प्रोफार्मा पर लेखक का नाम (द्विभाषी रूप में), पदनाम, कार्यालय का नाम व पता, पुस्तक का नाम, पुस्तक का विषय, प्रकाशक का नाम व पता (यदि कोई हो), पुस्तक लिखने का कार्य पूरा करने की तारीख (माह-वर्ष), मोबाइल नंबर, ई-मेल आदि जानकारी साझा करेंगे। शर्त यह भी है कि पुस्तक को कभी पुरस्कृत नहीं किया गया हो एवं पिछले तीन वर्ष के दौरान 01 जनवरी, 2023 से 31 दिसंबर 2025 के बीच पहली बार लिखी गई होनी चाहिए।