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इन बीमारियों से जूझ रहीं हैं गर्भवती महिलाएं, इलाज करने में डॉक्टर कर रहे हैं आनाकानी

Fri, 17 Jul 2020 12:37 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

  • सर्दी-जुकाम से पीड़ित गर्भवती को कर दे रहे बीआरडी रेफर
  • सिर्फ आठ और नौ माह की गर्भवतियों के ही बन रहे पर्चे
  • पर्चा न बनने से दूसरी महिलाओं को रूटीन चेकअप में हो रही परेशानी 
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सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
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महिला अस्पताल में सर्दी-जुकाम और बुखार से पीड़ित गर्भवती महिलाओं का इलाज नहीं हो पा रहा है। गर्भावस्था के अलावा अन्य दूसरी बीमारियों से जूझ रहीं महिलाओं का भी इलाज करने में डॉक्टर आनाकानी कर रहे हैं। इसकी वजह कोरोना बताई जा रही है। कोरोना की वजह से डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य कर्मी दहशत में हैं। स्थिति ऐसी है कि सर्दी, जुकाम या सांस फूलने की बीमारी वाले मरीजों और गर्भवतियों का पर्चा तक नहीं बनाया जा रहा है। इससे मरीजों को काफी परेशानी हो रही है।

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जानकारी के मुताबिक रामचौरा की रहने वाली अनुराधा पांच माह की गर्भवती हैं। सर्दी जुकाम की वजह से पति अमन उन्हें गुरुवार को इलाज के लिए लेकर पहुंचे थे। पर्चा काउंटर पर विवाद के बाद किसी तरह अमन ने पर्चा बनवाया। इलाज के लिए जब डॉक्टर के पास पहुंचे तो इलाज से इनकार करते हुए मेडिकल कॉलेज ले जाने की सलाह दी।

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इसी तरह बांसगांव की रामरती आठ माह की गर्भवती हैं। तीन दिन से सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। रूटीन चेकअप के लिए पति विष्णु के साथ अस्पताल पहुंचीं। डॉक्टर ने बीआरडी रेफर कर दिया। इसके अलावा तमाम ऐसी गर्भवतियों को जांच के नाम पर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जा रहा है।

पर्चा बनवाने जा रहे लोगों से सवाल-जवाब किया जा रहा है। किसी तरह विवाद करने पर आठवें और नौवें महीने की गर्भवती का पर्चा बनाया जा रहा है। अन्य महिलाओं को वापस कर दिया जा रहा है।

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कागजों में है कोरोना संक्रमित के लिए ओटी

महिला अस्पताल में कोरोना संक्रमित गर्भवतियों के इलाज का इंतजाम अप्रैल माह में ही कर दिया गया था। संक्रमित गर्भवती के लिए स्पेशल वार्ड और ऑपरेशन थियेटर बनाए गए हैं। दस-दस बेड का प्रीऑपरेटिव और पोस्ट-ऑपरेटिव वार्ड है। एक ऑपरेशन थिएटर रिजर्व है। कागजों में डॉक्टरों की ड्यूटी भी लगी हुई है। आज तक यहां एक भी गर्भवती भर्ती नहीं हुई। जबकि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पांच संक्रमितों के प्रसव हो चुके हैं।
 
जिला महिला अस्पताल के हॉस्पिटल मैनेजर डॉ कमलेश ने बताया कि कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। भीड़ से बचने के लिए उपाय किए गए हैं। इसी तहत कुछ मामलों में पर्चा नहीं बन पा रहा है। कम लोग रहेंगे तो संक्रमण फैलने का खतरा कम होगा।

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