मुकीम शाह जामा मस्जिद बुलाकीपुर में मौलाना फिरोज अहमद निजामी, मरकजी मदीना जामा मस्जिद रेती चौक में मुफ्ती मेराज अहमद कादरी, दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद मस्जिद नार्मल में मुफ्ती मुनव्वर रजा, सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार में हाफिज रहमत अली निजामी, मस्जिद खादिम हुसैन तिवारीपुर में कारी अफजल बरकाती, नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर में मौलाना मो. असलम रजवी, सुन्नी बहादुरिया जामा मस्जिद रहमतनगर में मौलाना अली अहमद, चिश्तिया मस्जिद बक्शीपुर में मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी, गौसिया जामा मस्जिद छोटे काजीपुर में मौलाना मोहम्मद अहमद निजामी आदि ने रमजानुल मुबारक के अंतिम जुमा की नमाज पढ़ाईं।
अलविदा की तकरीर में उलमा किराम ने दी नसीहत
रमजानुल मुबारक के अंतिम जुमा (अलविदा) में उलमा किराम ने अवाम की खूब नसीहत की। मरकजी मदीना जामा मस्जिद रेती चौक में मुफ्ती मेराज अहमद कादरी ने कहा कि आपसी भाईचारा को कायम रखें। फित्रा व जकात की रकम जल्द निकाल हकदारों को दें। गुनाहों से तौबा करें।
इसे भी पढ़ें: दस माह के मासूम के अपहरण के आरोप में महिला डॉक्टर गिरफ्तार, बोली- मेरे बच्चे की शक्ल मिलती थी
मस्जिद सुब्हानिया तकिया कवलदह में मौलाना जहांगीर अहमद ने कहा कि ईद की रात को गफलत में न गुजारें बल्कि इबादत करें, बुराई से दूर रहे हैं। नाम के मुसलमान न बनें बल्कि कुरआन व हदीस के मुताबिक मुसलमान बनें। सब्जपोश हाउस मस्जिद जाफरा बाजार में हाफिज रहमत अली निजामी ने कहा कि ईद कोई मजहबी त्योहार ही नहीं है बल्कि यह इंसानियत का भी त्योहार है।
चिश्तिया मस्जिद बक्शीपुर में नायब काजी मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी ने कहा कि रोजा रखना सिर्फ भूखे रहना ही नहीं है, बल्कि उन हजारों-लाखों गरीबों की भूख का एहसास करना है जो भूखे रहने को मजबूर हैं। मुकीम शाह जामा मस्जिद बुलाकीपुर में मौलाना फिरोज अहमद निजामी ने कहा कि ईद की खुशियों में सबको शामिल कीजिए।