फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धरना दे रहे प्रसपा नेताओं को पुलिस ने हटाया, डॉ कफील पर लगे रासुका के विरोध में कर रहे थे प्रदर्शन

Sun, 23 Feb 2020 09:37 PM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर

सार

  • डॉ कफील पर लगे रासुका के विरोध में आंबेडकर प्रतिमा के पास दे रहे थे धरना
  • पुलिस ने कहा, आंबेडकर प्रतिमा के पास धरने की नहीं थी अनुमति
विज्ञापन
धरना दे रहे प्रसपा नेताओं को पुलिस ने हटाया। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

डॉ. कफील पर रासुका के तहत की गई कार्रवाई के विरोध में आंबेडकर प्रतिमा के पास रविवार को धरना दे रहे प्रसपा नेताओं को पुलिस ने वहां से हटा दिया। इस दौरान पुलिस से नेताओं की कहासुनी भी हुई। पुलिस का कहना है कि आंबेडकर प्रतिमा के नीचे धरने की अनुमति नेताओं के पास नहीं थी। वहीं प्रसपा के महानगर अध्यक्ष हाजी तहव्वर हुसैन ने कहा कि पुलिस और प्रशासन का तानाशाही रवैया है, अब किसी को धरना-प्रदर्शन भी नहीं करने दिया जा रहा है।
विज्ञापन


डॉ. कफील पर लगे रासुका के विरोध और रिहाई की मांग को लेकर प्रसपा (प्रगतिशील समाजवादी पार्टी) के महानगर अध्यक्ष तहव्वर हुसैन के नेतृत्व में रविवार की सुबह 11 बजे कार्यकर्ता आंबेडकर प्रतिमा के नीचे धरना देने पहुंचे। झंडे, बैनर लेकर अभी वे धरने पर बैठे ही थे कि रामगढ़ताल इंस्पेक्टर के साथ भारी संख्या में पुलिसकर्मी भी पहुंच गए।

रामगढ़ताल इंस्पेक्टर ने धरना दे रहे लोगों को वहां से हटा दिया। इस दौरान पुलिस ने कार्यकर्ताओं के नाम और पते भी नोट किए। कार्यकर्ताओं की सूचना पर जिलाध्यक्ष श्याम नारायण यादव भी पहुंच गए और पुलिसवालों से बात की। बातचीत के बाद प्रसपा नेता लौट गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह है मामला

डॉ. कफील को 12 दिसंबर को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में भडकाऊ भाषण दिया था, जिस मामले में केस दर्ज हुआ। एसटीएफ ने 29 जनवरी को मुंबई एयरपोर्ट से डॉ. कफील को गिरफ्तार किया था। वह मथुरा जेल में बंद हैं। दस फरवरी को उन्हें सीजीएम कोर्ट से जमानत मिली थी। इस दौरान उन पर रासुका की कार्रवाई की गई। उस वजह से वह अब भी जेल में बंद हैं।

पहले से ही जगह-जगह तैनात थी पुलिस और पीएसी
आंबेडकर चौराहा, नगर निगम, शास्त्री चौक आदि स्थानों पर रविवार को पहले से ही पुलिस और पीएसी तैनात कर दी गई थी। शहर के कई थानेदारों की अलग-अलग स्थानों पर ड्यूटी लगाई गई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रविवार को प्रसपा, भीम आर्मी जैसे कुछ संगठनों की ओर से विरोध-प्रदर्शन की खुफिया विभाग से सूचना थी। एहतियातन पुलिस फोर्स तैनात की गई थी।

बिना अनुमति के कुछ लोग आंबेडकर प्रतिमा के समक्ष धरना दे रहे थे। जबकि धरना स्थल नगर निगम पार्क है। उसके चलते उन लोगों को वहां से हटा दिया गया।
- राणा देवेंद्र प्रताप सिंह, इंस्पेक्टर रामगढ़ताल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें