दवा कंपनी ने जांच अधिकारियों से दोबारा नमूने की जांच कराने का किया आग्रह
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शहर में शक्तिवर्धक आयुर्वेदिक कैप्सूल की खूब बिक्री हो रही है। स्टेराॅयट की मात्रा अधिक होने से कैप्सूल खाने के तुंरत बाद ताकत का अहसास होता है, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि जो दवा आप ले रहे हैं, वह असरदार साबित हो। भालोटिया मार्केट से लिए गए पांच अलग-अलग दवाओं के नमूनों में गुड हेल्थ कैप्सूल का नमूना जांच में फेल हो गया। दवा कंपनी ने जांच अधिकारियों से दोबारा नमूने की जांच कराने का आग्रह किया है।
जानकारी के अनुसार, 20 फरवरी को आयुर्वेद विभाग की टीम ने भालोटिया मार्केट में कई दवा दुकानों की जांच की। टीम ने अलग -अलग जगहों से नमूने जुटाए। जांच के दौरान टीम ने मध्य प्रदेश की एक कंपनी में बनी शक्तिवर्धक गुड हेल्थ कैप्सूल का नमूना श्रीहरि फार्मा से लिया। टीम ने इसे लखनऊ स्थित राजकीय औषधि जांच प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा।
जांच रिपोर्ट आने पर गुड हेल्थ कैप्सूल बैच नंबर डाजी-1232 दवा अधोमानक मिली। जांच में नमूना मानकों पर फेल हो गया। शक्तिवर्धक दवा का नमूना फेल होने के बाद आयुर्वेद विभाग ने कंपनी से जवाब-तलब किया। अब दवा निर्माता फर्म ने दोबारा इस दवा की जांच कराने का आग्रह किया है, जिसे आयुर्वेद विभाग ने स्वीकार लिया है। इसके बाद एक दवा का नमूना जांच के लिए भेजा गया। उसकी रिपोर्ट का इंतजार है।
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कोट
जांच में शक्तिवर्धक दवा का नमूना फेल हुआ है। कंपनी के आपत्ति जताने पर कैप्सूल का नमूना दोबारा जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाएगी। तब तक संबंधित बैच की दवा की बिक्री पर रोक लगाने के साथ ही स्टॉक का डिटेल मांगा गया है।
-डॉ. मीनू सोनी, क्षेत्रीय आयुर्वेद अधिकारी