जहां कोई नहीं पहुंच रहा अब वहां डाकिया पहुंचेगा, इसी तर्ज पर डाक विभाग काम कर रहा है। जिले के सभी 400 डाकियों ने एक दिन में ही 24 सौ लोगों तक 92 लाख रुपये का भुगतान घर बैठे करवा दिया। इनमें महिलाएं, श्रमिक भी शामिल रहे हैं। इन्हें घर बैठे ही डीबीटी भुगतान के माध्यम से रुपये पहुंचाए जा रहे हैं।
प्रवर डाक अधीक्षक एसएन दुबे ने बताया कि शनिवार को महाअभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों तक सेवा का लाभ पहुंचाया गया। बताया कि एक दिन में एक साथ 42 सौ लोगों को रिकार्ड सहयोग डाक विभाग की तरफ से पहुंचाई गई। 24 सौ लोगों ने इस सेवा का लाभ लेते हुए 93 लाख रुपये से अधिक की राशि अपने बैंक खातों से निकाली।
ग्रामीण डाक सेवकों और डाकियों ने लोगों के घर-घर, खेत- खलिहानों में, श्रमिकों को उनके कार्यस्थाल पर जाकर उन्हें उनके बैंक खाते से धनराशि निकाल कर उपलब्ध कराई। बताया कि डाकघर की इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए डिजिटल बैकिंग सुविधा शुरू कराई गई है। इसका लाभ डाकिए उन्हें पहुंचा रहे हैं। लॉकडाउन में डाक विभाग की तरफ से इस सेवा को प्रभावी बनाया गया था।
डाकिए ग्रामीण इलाकों में पहुंचाएंगे सैनिटाइजर
डाकघर के डाकिए अब ग्रामीणों के घर जाकर सैनिटाइजर भी पहुंचाएंगे। कोरोना से बचाव को लेकर चार अलग-अलग साइज के सैनिटाइजर खरीद सकते हैं। डाक अधीक्षक एसएन दुबे ने बताया कि 60 एमएल से लेकर 500 एमएल तक की साइज में यह अपलब्ध है। 60 एमएल की कीमत 30 रुपये, 100 एमएल 50 रुपये, 210 एमएल 105 रुपये और 500 एमएल की कीमत 250 रुपये है। ग्रामीण अपनी सुविधा और जरूरत के हिसाब से इसे खरीद सकते हैं।