सांस लेने में दिक्कत हो तो करा लें जांच
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. गौरव गुप्ता बताते हैं कि जिन मरीजों का फेफड़ा संक्रमित है या सांस लेने में दिक्कत है जांच करा लेनी चाहिए। उन्हें अचानक अधिक परिश्रम नहीं करना चाहिए। जिन मरीजों के हृदय एक बार कमजोर हो चुके हैं, उन्हें लंबे समय तक और कुछ परिस्थितियों में आजीवन दवा खानी पड़ सकती है। इसलिए बिना डॉक्टर से सलाह लिए दवा बंद न करें।
अगर हृदय कमजोर है तो ये न करें
- अचानक अधिक परिश्रम या कोई ऐसा खेल जिसमें अधिक दौड़ना पड़े उसमें शामिल न हों।
- अगर सांस लेने में दिक्कत है तो बिना डॉक्टर की सलाह लिए दवा बंद न करें।
- अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए विशेषज्ञ की निगरानी में फिजियोथेरेपी कराएं।
इसे भी पढ़ें: धरोहर: अंग्रेजों ने रेत पर पुल बनाकर पांच किमी मोड़ी नदियों की धारा..दौड़ा दी ट्रेन