डीआईजी/एसएसपी जोगेंद्र कुमार। (file)
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में चोरी या लूट में रुपये गंवा देने वाले वादी को अब रकम का पूरा ब्योरा पुलिस को देना होगा। पुलिस केस दर्ज कर बदमाशों को तो पकड़ेगी, लेकिन अगर वादी रकम का ब्योरा नहीं दे पाए तो आयकर विभाग से इसकी जांच कराई जाएगी।
कैंट और शाहपुर इलाके में व्यापारियों के साथ हुई लूट की बड़ी घटना में रकम का ब्योरा पुलिस को नहीं मिला। जिसके बाद डीआईजी जोगेंद्र कुमार ने सभी पुलिस वालों को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, शाहपुर इलाके में सराफा कारोबारी से चांदी और कैंट इलाके से अपहरण कर नौसड़ में नौतनवा के व्यापारियों से गहने और नगदी समेत 32 लाख रुपये की लूट हुई थी। दोनों ही मामलों में व्यापारी रकम से जुड़े कागजात दिखा पाने में हीलाहवाली कर रहे थे।
यह भी सामने आया है कि इन मामलों में ज्यादा रकम की लूट हुई, लेकिन व्यापारियों ने उतनी की ही लूट बताई, जितने के कागजात थे। पुलिस का कहना है कि व्यापारियों की इसी कमी का फायदा बदमाश उठाते हैं।
डीआईजी/ एसएसपी जोगिंदर कुमार ने बताया कि लूट के मामलों में पुलिस कार्रवाई में हीलाहवाली करती है तो संबंधित पुलिस वालों पर कार्रवाई होगी। लेकिन पीड़ित को रकम के बारे में भी जानकारी देनी चाहिए। पुलिस ऐसे मामलों में जानकारी ना देने वाले लोगों की जांच इनकम टैक्स से कराएगी।