विदेश भेजने के नाम पर जालसाजी करने वालों पर नकेल कसेगी पुलिस
गोरखपुर। विदेश भेजने के नाम पर जालसाजी करने वालों पर पुलिस सख्ती से कार्रवाई करेगी। डीआईजी राजेश डी मोदक ने रेंज के चारों जिलों में अभियान चलाकर इस तरह के कार्यालयों की जांच का आदेश दिया है। एसपी रैंक के अफसर को जिम्मेदारी भी सौंपी गई, जिसकी समीक्षा एक महीने पर डीआईजी खुद करेंगे।
दरअसल, गोरखपुर के कैंट इलाके के सिंघड़िया में 22 लाख की लूट के बाद जालसाजी का मामला उजागर होने पर डीआईजी ने यह आदेश दिया है। इस मामले की जांच में पुलिस जालसाजी की पुष्टि नहीं कर पाई। इसी वजह से पुलिस ने फर्जी स्टांप मामले में आरोपितों को जेल भिजवाया था।
जानकारी के मुताबिक, विदेश भेजने वाले ज्यादातर फर्म टूरिस्ट वीजा पर युवा बेरोजगारों को विदेश भेज देते हैं। वैध दस्तावेज नहीं होने की वजह से विदेश में इन युवा बेरोजगारों को परेशान होना पड़ता है। इतना ही नहीं, कई ऐसे भी मामले पिछलों दिनों सामने आ चुके हैं, जिसमें युवा को मिस्त्री के रूप में काम करने के लिए विदेश भेजा गया, लेकिन वहां काम पत्थर तोड़ने का लिया जा रहा था। ऐसे में ठगी का शिकार हो चुके युवा अपने घरवालों से संपर्क करते हैं। फिर घरवाले परेशान होकर किसी तरह से एक बार फिर रुपये का इंतजाम कर उनको वापस बुलाते हैं। इस तरह के मामले सामने आने के बाद डीआईजी ने पत्रावली जांच कर कार्रवाई करने का आदेश पुलिस को दिया है।
विदेश भेजने के नाम पर जालसाजी करने वालों की जांच की जाएगी। जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-राजेश डी मोदक, डीआईजी