गोरखपुर। प्रिया हत्याकांड में जांच अब अहम मोड़ पर पहुंच गई है। मंगलवार को प्रिया हत्याकांड के संदर्भ में पीपीगंज पुलिस और परिजन कोर्ट पहुंचे, जहां मासूम रुद्र और हत्यारोपी विजय साहनी की डीएनए जांच कराने के लिए अनुमति मांगी गई। रुद्र की वर्तमान स्थिति और जांच की प्रक्रिया को लेकर पुलिस ने पूरी सावधानी बरती। इस दौरान विजय के परिजन मीडिया से दूरी बनाए रहे।
एसपी नाॅर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि प्रिया हत्याकांड में शामिल सहजनवां के पाली निवासी प्रेमी विजय कुमार साहनी, उसकी पत्नी संध्या और पीपीगंज के तिघरा गांव, सपहिया टोला निवासी उसके ससुर रामबेलास साहनी (सेवानिवृत्त रेलकर्मी) को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। रुद्र, प्रिया और आरोपी विजय का ही बेटा है या नहीं, यह साबित करने के लिए डीएनए टेस्ट अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि पहले ही प्रिया का सैंपल लिया जा चुका है। अब अदालत से अनुमति मिलने के बाद मासूम और आरोपी के पिता समेत अन्य जरूरी व्यक्तियों के सैंपल लिए जाएंगे।
डीएनए जांच के परिणाम के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चे की जिम्मेदारी किसके पास होगी। वर्तमान में रुद्र विजय के पैतृक मकान सहजनवां के माडर पोस्ट पाली में उसके पिता रामकिशन और मां कपूरी देवी के पास रह रहा है। जांच और कोर्ट की प्रक्रिया के दौरान बच्चे की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस पूरी निगरानी बनाए रखेगी। मंगलवार को कोर्ट में हत्यारोपी विजय के पिता रामकिशन और रुद्र पहुंचे। हालांकि, पुलिस ने हत्यारोपी के पूरे परिवार माता-पिता और भाई-भाभी का भी बयान दर्ज कर लिया है।
एसपी नाॅर्थ ने बताया कि जांच के लिए सैंपल लेने की प्रक्रिया बेहद संवेदनशील है और इसे बच्चे के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत की अनुमति मिलने के बाद जांच तुरंत शुरू कर दी जाएगी।
प्रिया हत्याकांड की जांच जारी है और मामले के सभी पहलुओं को गंभीरता से देखा जा रहा है। डीएनए जांच के परिणाम आने के बाद ही रुद्र के भविष्य की जिम्मेदारी तय होगी और यह साफ हो सकेगा कि वह किसके संरक्षण में रहेगा।
- ज्ञानेंद्र कुमार, एसपी नॉर्थ