जानकारी के मुताबिक, हिस्ट्रीशीटर, जिला बदर या फिर जेल जा चुके बदमाशों की हर थाने में सूची होती है। वैसे तो इनकी नियमित चेकिंग करनी ही होती है, लेकिन पुलिस इस पर ज्यादा ध्यान नहीं देती। अब जब एसएसपी ने सख्त निर्देश दिए हैं तो इसका असर भी सामने आने लगा है। पुलिस जेल से छूटे लोगों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। गश्त के दौरान थानेदार, बीट दरोगा और सिपाही इनकी निगरानी कर रहे हैं।
डीआईजी राजेश डी मोदक ने बताया कि अपराधियों की गतिविधियों पर पुलिस की नजर रहती है। गश्त के दौरान ऐसे लोगों की खोज खबर लेने को पुलिस को निर्देशित किया गया है।