फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर के माफियाओं की उल्टी गिनती शुरू: जमानतदारों को पुलिस ने भेजा नोटिस, लेंगे इकरारनामा

Thu, 08 Jun 2023 11:26 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।

सार

सभी माफिया के बैंक खातों की पुलिस जांच कर रही है। लेनदेन से ही साफ होगा कि किससे और किस मदद में रुपये लिए गए हैं। पूर्व में माफिया के करीबियों को हिरासत में लेकर भी पुलिस ने पूछताछ की है। इससे भी अहम जानकारियां पुलिस के हाथ लगी है।
विज्ञापन
बाएं से माफिया राकेश यादव और माफिया सुधीर सिंह। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला(
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

माफिया के जमानतदारों से बंधपत्र (इकरारनामा) लेकर पुलिस जवाबदेही तय करेगी। इसके लिए माफिया राकेश यादव के 13 और सुधीर सिंह के 15 जमानतदारों को नोटिस भेजा गया है। पुलिस अन्य माफिया के जमानतदारों की भी सूची तैयार कर रही है। थाने पर आकर जमानतदारों को इकरारनामा देना होगा कि माफिया के आपराधिक गतिविधियों में सहयोग नहीं करेंगे और उसके गलत कामों की जानकारी होने पर पुलिस को सूचित भी करेंगे।

विज्ञापन


खबर है कि नोटिस मिलने के बाद से जमानतदारों में खलबली मच गई है। राकेश यादव के एक ऐसे ही जमानतदार ने गत दिनों जमानत भी वापस लिया था, जिसे हथियार बनाकर माफिया कोर्ट में हाजिर हो गया था। अब जमानत निरस्त न होने पाए, इस पर भी पुलिस की नजर है।

जानकारी के मुताबिक, यूपी के टॉप सूची में शामिल माफिया पर पुलिस की नजर टेड़ी हो गई। पुलिस की चौकसी के बीच ही माफिया राकेश यादव, अजीत शाही और सुधीर सिंह कोर्ट में हाजिर हो चुके हैं तो माफिया विनोद उपाध्याय पर शिकंजा कसने के बाद वह फरार चल रहा है।
विज्ञापन


बताया जा रहा है कि वह संतकबीरनगर और गोरखपुर कोर्ट में आत्मसमर्पण करने की तैयारी में था, लेकिन जमानत निरस्त नहीं हो पाई, इस वजह से हाजिर नहीं हो पाया। उसकी निगरानी में पुलिस भी गई थी, लेकिन न तो माफिया आया और न ही पुलिस के हाथ कुछ लगा।

इसे भी पढ़ें: 35 पैसे में करा सकते हैं 10 लाख का बीमा, ऑनलाइन टिकट खरीदते वक्त लेना चाहिए इंश्योरेंस का फायदा
 

बैंक खाताें की जांच शुरू, इसकी मदद से सामने आएंगे मददगार

इस तरह के मामले सामने आने के बाद पुलिस ने जमानतदारों की नकेल कसनी शुरू कर दी है। सभी माफिया के जमानतदारों की सूची बनाकर नोटिस भेजा जा रहा है और थाने में आने के बाद उनसे इकरारनामा लेने की कवायद शुरू कर दी गई है। एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने बताया कि माफिया के जमानतदारों को नोटिस भेजा गया है। थाने पर बुलाकर इकरारनामा लिया जाएगा। सभी माफिया की गतिविधियों पर पुलिस की नजर है।

सभी माफिया के बैंक खातों की पुलिस जांच कर रही है। लेनदेन से ही साफ होगा कि किससे और किस मदद में रुपये लिए गए हैं। पूर्व में माफिया के करीबियों को हिरासत में लेकर भी पुलिस ने पूछताछ की है। इससे भी अहम जानकारियां पुलिस के हाथ लगी है। पुलिस माफिया के एक-एक काम की ब्योरा जुटा रही है।

इसे भी पढ़ें: हैवानियत की हद पार: 12 साल की बालिका से आठ युवकों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, हालत गंभीर

खबर है कि माफिया अजीत शाही के पास एक कंपनी और एक बैंक के रिकवरी का काम है। इसमें चरित्र प्रमाण पत्र लगता है, जिसे माफिया ने अपने रिश्तेदार का लगाया है। पुलिस की ओर से बैंक और कंपनी से पत्राचार कर इसे रद कराने की कवायद भी शुरू कर दी गई है।

 
विज्ञापन

विनोद और उसके भाई की तलाश में लखनऊ से खाली हाथ लौटी टीम

माफिया विनोद और उसके भाई संजय उपाध्याय की तलाश में लखनऊ गई टीम बुधवार को खाली हाथ लौट आई है। माफिया के सबसे बड़े शरणदाता ने भी उससे अपना पीछा छुड़ा लिया है। अब पुलिस लखनऊ में उससे संपर्क में रहने वाले लोगों के ठिकानों के बारे में पता लगा रही है।

बताया जा रहा है कि माफिया गोरखपुर के आसपास के जिलों में छिपा हो सकता है। उसकी पूरी जुगत है कि पुराने मामले में जमानत निरस्त कराकर वह कोर्ट में हाजिर हो जाए, लेकिन जमानतदारों पर पुलिस की नजर होने की वजह से वह अपने इस चाल में अब तक कामयाब नहीं हो पाया है। पुलिस का दावा है कि उसकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें