अब घर के किसी सदस्य के गंभीर रूप से बीमार होने या फिर गमी जैसी आपात स्थिति में ही कोई जिले से बाहर निकल पाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बाद डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने कलेक्ट्रेट स्थित एडीएम फाइनेंस दफ्तर से बन रहे पास पर रोक लगा दी।
प्रशासन के मुताबिक जिले के भीतर किराना, दवा, दूध और मोहल्लों में सब्जी पहुंचाने वाले ठेला, ई-रिक्शा व पिकअप चालक समेत करीब चार हजार लोगों को पास जारी किए गए हैं। इनमें 25 से 30 लोग ऐसे हैं जिन्होंने बाहर रहकर पढ़ाई या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अपने बच्चों या फिर घर के बीमार सदस्यों को लाने के लिए पास बनवाया था।
सोमवार को डीएम खुद एडीएम कार्यालय पहुंचे और पास स्वीकृत कराने के लिए लाइन में लगे 50 से अधिक लोगों केे कलेक्ट्रेट केे बाहर भगाया। उन्होंने पास स्वीकृत करने पर रोक लगा दी। सिर्फ इमरजेंसी सेवाओं या फिर उन इलाकों जहां किराना, दूध या दवा आदि जरूरी सामानों के होम डिलीवरी की व्यवस्था नहीं हो पाई है, को विशेष अनुमति पत्र दिया जाएगा।
एडीएम फाइनेंस राजेश सिंह ने बताया कि अब किसी को भी पास नहीं जारी होगा। जितने लोगों को भी पास जारी किए गए हैं, अगर वे उसका दुरुपयोग करते पकड़े गए तो सख्त कार्रवाई होगी।
सेवाएं न दें तो पंजीकरण निरस्त करें: डीएम
डीएम ने सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित ई-डिस्ट्रिक्ट में बने कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिकायतों की संख्या और उनके निस्तारण की जानकारी ली। डीएम ने चेताया कि किराना, दूध, सब्जी, दवा आदि जरूरी सेवाओं के लिए जितने लोगों के भी नाम जारी किए गए हैं और उन्हें पास आदि की सुविधा दी गई है। वे अगर जनता को संबंधित सेवाएं नहीं उपलब्ध कराते हैं तो पास आदि की सुविधा छीनने के साथ ही उनकेे दुकान, प्रतिष्ठान का पंजीकरण निरस्त कर दिया जाए।