गोरखपुर में फर्जी तरीके से वीजा देकर विदेश भेजने के मामले में आरोपी नीरज कुमार को शनिवार को कैंट पुलिस ने उसके बिहार स्थित घर से गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट के आदेश पर पुलिस कुर्की करने पहुंची थी। पुलिस को नीरज की चार साल से तलाश थी।
जानकारी के मुताबिक, बिहार के गोपालगंज के मीरगंज थाना क्षेत्र स्थित मटिहानी गांव निवासी नीरज सहित अन्य के खिलाफ गगहा थाना क्षेत्र के रियांव गांव निवासी गोलू साहनी ने केस दर्ज कराया था। विदेश जाने के लिए वीजा के बहाने रुपये हड़पने का आरोप लगाया था।
गोलू की शिकायत पर कैंट पुलिस ने दीपक उर्फ नीरज के अलावा इब्राहिम, रणजीत एवं राधा गौड़ पर मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस के मुताबिक, आजाद चौक में एकेएस कांप्लेक्स में अलक्रॉप्ट ट्रैवल्स नाम से इन लोगों ने ऑफिस खोल कर विदेश में नौकरी दिलाने व पासपोर्ट लेकर वीजा बनवाने का काम शुरू किया था।
इनके खिलाफ कैंट थाने में जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का केस दर्ज था। वर्ष 2016 में उक्त आरोपियों में से एक को जेल भेजा गया था। मुख्य आरोपी नीरज कुमार फरार चल रहा था। कोर्ट ने नीरज के घर की कुर्की का आदेश दिया था। दरोगा संजय कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ कुर्की करने पहुंचे तो वह घर पर ही मिल गया।